रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित लोक भवन में आज एक अद्भुत दृश्य देखने को मिला, जब दुर्ग जिले के मात्र 6 वर्षीय बालक रुद्र शर्मा ने अपनी विलक्षण स्मरण शक्ति से राज्यपाल श्री रमेन डेका को चकित कर दिया। कक्षा पहली में पढ़ने वाले रुद्र ने राज्यपाल के साथ हुई इस औपचारिक मुलाकात को अपनी बुद्धिमत्ता से एक यादगार बौद्धिक सत्र में बदल दिया। रुद्र की इस असाधारण क्षमता के कारण उन्हें क्षेत्र में ‘गूगल बॉय’ के नाम से जाना जाता है।

मुलाकात के दौरान राज्यपाल श्री डेका ने रुद्र की प्रतिभा को परखने के लिए उनसे सामान्य ज्ञान और भारतीय राजव्यवस्था से जुड़े कई जटिल प्रश्न पूछे। हैरानी की बात यह रही कि 6 साल के इस बालक ने छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के इतिहास, यहाँ की भौगोलिक विशेषताओं और भारतीय संविधान की धाराओं से संबंधित प्रश्नों के उत्तर बड़ी ही सुगमता और बिना किसी हिचकिचाहट के दिए। रुद्र के पास केवल स्कूली ज्ञान ही नहीं, बल्कि यूपीएससी (UPSC) और पीएससी (PSC) जैसी कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं के स्तर की जानकारी का भंडार भी मौजूद है।
रुद्र के आत्मविश्वास और सटीक उत्तरों से प्रभावित होकर राज्यपाल ने उनकी जमकर सराहना की। राज्यपाल ने कहा कि इतनी कम उम्र में देश और प्रदेश के बारे में इतनी गहरी समझ रखना वाकई में विस्मयकारी है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि सही दिशा और मार्गदर्शन मिलने पर रुद्र भविष्य में प्रदेश और देश का नाम वैश्विक पटल पर रोशन करेंगे। इस प्रोत्साहन के प्रतीक के रूप में राज्यपाल ने लोक भवन की ओर से रुद्र को एक विशेष प्रशस्ति पत्र प्रदान किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की।
इस अवसर पर रुद्र के परिवार में हर्ष का माहौल रहा। उनके साथ लोक भवन पहुँचीं उनकी माता श्रीमती पायल शर्मा और नाना श्री विनोद शर्मा ने रुद्र की इस उपलब्धि पर गर्व महसूस किया। परिवार जनों ने बताया कि रुद्र की रुचि बचपन से ही नई चीजों को जानने और उन्हें याद रखने में रही है। नाना श्री विनोद शर्मा ने राज्यपाल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस मुलाकात से रुद्र का मनोबल बढ़ा है और यह उसके शैक्षिक सफर के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा।
यह मुलाकात न केवल रुद्र के परिवार के लिए गौरव का क्षण था, बल्कि यह छत्तीसगढ़ की उभरती हुई बाल प्रतिभाओं के सशक्तिकरण का भी प्रतीक है। सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर रुद्र की इस सफलता की काफी चर्चा हो रही है। लोग इस नन्हें ‘गूगल बॉय’ की एकाग्रता और सीखने की क्षमता की तुलना महान विद्वानों से कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ शासन और राज्यपाल का ऐसे प्रतिभावान बच्चों को प्रोत्साहित करना समाज में शिक्षा के प्रति एक सकारात्मक संदेश प्रसारित करता है।

