रायपुर, 05 मई 2026: छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में शुरू हुआ ‘सुशासन तिहार’ अब आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान का एक सशक्त माध्यम बन गया है। 01 मई से प्रारंभ हुए इस विशेष अभियान के तहत प्रशासनिक अमला सीधे जनता के बीच पहुँच रहा है। इसी क्रम में धमतरी जिले के नगरी ब्लॉक के कुकरेल में एक भव्य ‘समाधान शिविर’ का आयोजन किया गया, जहाँ प्रशासन की संवेदनशीलता देखने को मिली। यहाँ प्राप्त 314 आवेदनों में से 250 से अधिक का निराकरण मौके पर ही कर दिया गया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अभियान को लेकर कड़े और स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि शिकायतों का निराकरण केवल कागजी खानापूर्ति तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसका असर धरातल पर दिखना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि हर आवेदन का रिकॉर्ड ऑनलाइन और पारदर्शी तरीके से रखा जाए। मुख्यमंत्री की मंशा है कि ग्रामीणों को अपने छोटे-छोटे कार्यों के लिए तहसील या जिला मुख्यालय के चक्कर न काटने पड़ें, इसीलिए शासन खुद चलकर ग्रामीणों के द्वार तक पहुँच रहा है।

कुकरेल में आयोजित इस शिविर में जनसेवा का अद्भुत नजारा देखने को मिला, जिसे स्थानीय लोगों ने ‘जनसेवा का महाकुंभ’ करार दिया। इस शिविर में कुकरेल सहित दरगहन, सलोनी, केरेगांव और भोथापारा जैसी कुल 17 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण बड़ी संख्या में अपनी मांगें और समस्याएं लेकर पहुँचे थे। प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, कुल 314 आवेदनों में से 306 आवेदन विकास कार्यों और व्यक्तिगत मांगों से संबंधित थे, जिनमें से 262 मांगों को तत्काल मंजूरी प्रदान कर दी गई।
शिविर स्थल पर जल संसाधन, स्वास्थ्य, राजस्व, कृषि और महिला एवं बाल विकास विभाग जैसे महत्वपूर्ण विभागों ने अपने स्टाल लगाए थे। इन स्टालों के माध्यम से न केवल ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई, बल्कि पात्र हितग्राहियों को मौके पर ही लाभान्वित भी किया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जो आवेदन तकनीकी कारणों से मौके पर नहीं सुलझ पाए, उन्हें एक निश्चित समय-सीमा (Time-limit) के भीतर निराकृत करने के लिए संबंधित विभागों को सौंप दिया गया है।
इस पहल की सराहना करते हुए ग्रामीणों ने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया अब पहले से कहीं अधिक सरल और पारदर्शी हो गई है। शिविर का मुख्य उद्देश्य शासन और जनता के बीच की दूरी को मिटाना है, ताकि समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को भी विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके। प्रशासन प्रत्येक आवेदन के गुणवत्तापूर्ण निराकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध नजर आ रहा है।
सुशासन तिहार का यह जनहितैषी अभियान आगामी 10 जून तक अनवरत जारी रहेगा। जिला प्रशासन ने आगामी शिविरों के लिए विस्तृत रूपरेखा तैयार कर ली है, ताकि जिले के हर कोने में ‘साय सरकार’ के सुशासन का लाभ पहुँच सके। इस अभियान ने यह साबित कर दिया है कि यदि इच्छाशक्ति मजबूत हो, तो जनता की समस्याओं का समाधान उनके घर के पास ही संभव है।

