दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक श्री तरुण प्रकाश ने गत 14 सितंबर 2026 को रायपुर रेलवे स्टेशन का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्टेशन पर चल रहे मेजर स्टेशन रिडेवलपमेंट एवं पुनर्विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों से अब तक हुए विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
निरीक्षण के क्रम में महाप्रबंधक ने स्टेशन पुनर्विकास से संबंधित ले-आउट प्लान का बारीकी से अवलोकन किया और वास्तविक स्थल पर जाकर उसकी स्थिति को परखा। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप और उच्च गुणवत्ता के साथ समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं।
इस पूरी प्रक्रिया के दौरान महाप्रबंधक ने इस बात पर विशेष बल दिया कि यात्रियों की सुविधा, संरक्षा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। निर्माण कार्यों की वजह से यात्रियों को कम से कम असुविधा उठानी पड़े, इसके लिए उन्होंने आवश्यक वैकल्पिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने और कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने को कहा।
अपने दौरे के दौरान उन्होंने रायपुर स्टेशन के विभिन्न प्लेटफार्मों, फुट ओवर ब्रिज और अन्य महत्वपूर्ण यात्री क्षेत्रों का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने उपलब्ध यात्री सुविधाओं, स्टेशन परिसर की साफ-सफाई, और बेहतर आवागमन की व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा इन्हें और अधिक उन्नत बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
महाप्रबंधक ने मुख्य प्रवेश द्वार गेट नंबर 02 पर निर्माणाधीन कार्य की घेराबंदी से लेकर स्टेशन के गुढ़ियारी छोर तक चल रहे प्रगतिशील कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण की गुणवत्ता और कार्य की गति दोनों पर विशेष ध्यान देने की बात कही, ताकि परियोजना तय समय पर जनता को समर्पित की जा सके।
उल्लेखनीय है कि रायपुर स्टेशन का यह पुनर्विकास यात्रियों को आधुनिक एवं बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण कदम है। इसके पूर्ण होने के बाद यात्रियों को आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ सुगम आवागमन, सुविधाजनक प्रवेश-निकास और अत्यधिक सुव्यवस्थित यात्री परिवेश प्राप्त होगा।
निरीक्षण के उपरांत मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय, रायपुर के सभागार में एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता महाप्रबंधक श्री तरुण प्रकाश ने की। बैठक में रायपुर मंडल के रेल परिचालन और विभिन्न चल रहे विकास कार्यों की गहन समीक्षा की गई, जिसमें अधोसंरचना विकास के बीच रेल परिचालन को निर्बाध और सुचारू रखने पर विशेष जोर दिया गया।

