मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार, वर्तमान में एक द्रोणिका (Trough) गंगा तटीय पश्चिम बंगाल से लेकर दक्षिण भारत तक सक्रिय है। इस सिस्टम का सीधा असर छत्तीसगढ़ के मौसम पर पड़ रहा है, जिसके कारण आने वाले 24 घंटों में प्रदेश के कुछ हिस्सों में मौसम का मिजाज अचानक बदल सकता है। वैज्ञानिकों ने रविवार को राज्य के एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश के साथ गरज-चमक और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। इस दौरान 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई गई है।
राजधानी रायपुर की बात करें तो यहाँ रविवार को आसमान मुख्यतः साफ रहने का अनुमान है, जिससे दिन की तपिश और बढ़ सकती है। शहर का अधिकतम तापमान 39°C और न्यूनतम तापमान 23°C के आसपास रहने की उम्मीद है। हालांकि, शाम के समय बादलों की आवाजाही होने से उमस जैसी स्थिति भी बन सकती है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अगले तीन दिनों तक तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होगा, लेकिन उसके बाद उत्तर से आने वाली हवाओं के प्रभाव से पारे में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है।
आने वाले दिनों को लेकर मौसम विभाग ने ‘येलो अलर्ट’ जैसी स्थिति बरकरार रखी है क्योंकि कुछ संवेदनशील इलाकों में ओलावृष्टिऔर आंधी-तूफान के आसार बने हुए हैं। हसौद, भटगांव और देवभोग जैसे क्षेत्रों में पहले ही हल्की बूंदाबांदी ने दस्तक दे दी है, जो इस बात का संकेत है कि प्री-मानसून गतिविधियां धीरे-धीरे सक्रिय हो रही हैं। प्रशासन ने किसानों और आम नागरिकों को सलाह दी है कि वे खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और बिजली कड़कने की स्थिति में पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।

