रायपुर, 30 अप्रैल 2026। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले की होनहार छात्रा कृतिका टेकाम ने सीबीएसई 10वीं बोर्ड की परीक्षा में देशभर के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में प्रथम स्थान प्राप्त कर एक अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की है। कृतिका ने इस राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में 97 प्रतिशत अंक प्राप्त कर न केवल अपने परिवार का, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ राज्य का नाम गौरवान्वित किया है। उनकी इस शानदार सफलता पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने उन्हें हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृतिका की यह सफलता उनकी कड़ी मेहनत और लगन का परिणाम है, जो राज्य के अन्य जनजातीय विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बनेगी।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस बात पर जोर दिया कि राज्य सरकार द्वारा जनजातीय अंचलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए किए जा रहे प्रयास अब सार्थक हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि एकलव्य विद्यालयों के माध्यम से विद्यार्थियों को जो सुविधाएं और शैक्षणिक वातावरण मिल रहा है, उसी का सुखद परिणाम है कि आज प्रदेश के बच्चे राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष स्थान प्राप्त कर रहे हैं। आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने भी कृतिका को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि प्रदेश के जनजातीय समाज की प्रतिभा और समर्पण का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जो भविष्य के लिए नई राहें खोलेगा।
आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने बताया कि कृतिका टेकाम कांकेर जिले के एकलव्य विद्यालय में अध्ययनरत थीं। उन्होंने देशभर में संचालित लगभग 750 एकलव्य विद्यालयों की प्रतिस्पर्धा के बीच प्रथम स्थान हासिल किया है, जो आदिम जाति विकास विभाग के लिए भी सम्मान की बात है। विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, शैक्षणिक सत्र 2025-26 के परिणामों में प्रदेश के अन्य विद्यार्थियों का प्रदर्शन भी काफी बेहतर रहा है। राज्य में संचालित 75 एकलव्य विद्यालयों में से हाई स्कूल स्तर के 71 विद्यालयों में से 11 स्कूलों ने इस वर्ष शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम प्राप्त कर अपनी उत्कृष्टता सिद्ध की है।
छत्तीसगढ़ के एकलव्य विद्यालयों की सफलता केवल शिक्षा तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यहां के छात्र खेल और अन्य क्षेत्रों में भी देश में अपनी पहचान बना रहे हैं। हाल ही में आयोजित चौथी एकलव्य विद्यालयों की राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के दल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देशभर में दूसरा स्थान प्राप्त किया था। यह विद्यार्थियों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए स्कूल परिसर में दी जा रही बेहतर सुविधाओं का ही परिणाम है। आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर ने बताया कि विभाग निरंतर प्रयासरत है कि इन बच्चों को हर वह अवसर मिले जो उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफल बना सके।
एक अन्य महत्वपूर्ण उपलब्धि का उल्लेख करते हुए आयुक्त ने बताया कि भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय द्वारा आयोजित मॉडल यूथ ग्राम सभा प्रतियोगिता में गरियाबंद जिले के कोसमबुड़ा एकलव्य विद्यालय को देशभर के 800 स्कूलों में से राष्ट्रीय विजेता चुना गया। इस शानदार प्रदर्शन के लिए विद्यालय को 28 जनवरी 2026 को सम्मानित किया गया और उपहार स्वरूप एक करोड़ रुपये की राशि भी प्रदान की गई है। इस प्रकार, शिक्षा, खेल और प्रशासनिक कौशलों में प्रदेश के एकलव्य विद्यालयों का निरंतर बेहतर प्रदर्शन छत्तीसगढ़ में जनजातीय शिक्षा के क्षेत्र में आ रहे सकारात्मक बदलावों की एक स्पष्ट झलक पेश करता है।

