नई दिल्ली/रायपुर। छत्तीसगढ़ के फिल्म जगत के लिए 1 अप्रैल, 2026 की तारीख एक ऐतिहासिक मोड़ लेकर आई है। लोकसभा सांसद और वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल की दूरदर्शी पहल के चलते छत्तीसगढ़ अब देश के प्रमुख फिल्म निर्माण केंद्रों की सूची में शामिल होने जा रहा है। संसद में अग्रवाल द्वारा उठाए गए सवालों के जवाब में केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरूगन ने स्पष्ट किया है कि छत्तीसगढ़ में फिल्म निर्माण की बाधाओं को दूर करने और स्थानीय प्रतिभाओं को सशक्त बनाने के लिए केंद्र सरकार ने कमर कस ली है।
इस नई कार्ययोजना का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा ‘इंडिया सिने हब’ (ICH) के साथ राज्य की प्रणालियों का एकीकरण है। ‘एकल खिड़की’ (Single Window) प्रणाली के लागू होने से अब फिल्म निर्माताओं को दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। सांसद अग्रवाल के अनुसार, छत्तीसगढ़ की नैसर्गिक सुंदरता और समृद्ध लोक संस्कृति को वैश्विक पटल पर लाने के लिए प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाना अनिवार्य था, जिससे यह राज्य जल्द ही एक ग्लोबल फिल्मिंग डेस्टिनेशन के रूप में उभरेगा।
राज्य के स्थानीय युवाओं के लिए यह योजना रोजगार की नई उम्मीद लेकर आई है। सरकार का ध्यान केवल बड़े सितारों पर ही नहीं, बल्कि ‘बिलो-द-लाइन’ क्रू जैसे कैमरा असिस्टेंट, मेकअप आर्टिस्ट और लाइटमैन के कौशल विकास पर भी है। इसके लिए गैर-मेट्रो क्षेत्रों में विशेष प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे। साथ ही, क्षेत्रीय सिनेमा को बढ़ावा देने के लिए ‘सांस्कृतिक बोनस’ जैसे अभिनव सुझावों पर भी सरकार सकारात्मक रुख अपना रही है, जिससे स्थानीय तकनीशियनों को सीधा लाभ मिलेगा।
नवा रायपुर में ‘चित्रोत्पला फ़िल्म सिटी’ का भूमि पूजन इस विजन को धरातल पर उतारने की दिशा में सबसे बड़ा कदम है। लगभग 100 एकड़ में फैली यह भव्य परियोजना 300 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से तैयार होगी, जिसमें केंद्र सरकार ने 147 करोड़ रुपये की शुरुआती मंजूरी दे दी है। इस फिल्म सिटी में अत्याधुनिक शूटिंग फ्लोर, हाई-टेक पोस्ट-प्रोडक्शन स्टूडियो और ‘स्नो वर्ल्ड’ जैसी सुविधाएं होंगी, जो इसे मध्य भारत का सबसे आधुनिक फिल्म हब बनाएंगी।
छत्तीसगढ़ में फिल्म निर्माण का आधार पहले ही तैयार हो चुका है, जहाँ ‘न्यूटन’, ‘जहानाबाद’ और ‘द ग्रेट इंडियन मर्डर’ जैसी सफल फिल्मों और वेब सीरीज की शूटिंग हो चुकी है। अब ‘चित्रोत्पला फ़िल्म सिटी’ के आने से यहाँ का फिल्म ईकोसिस्टम और भी मजबूत होगा। पर्यटन मंडल के सहयोग से विकसित हो रही यह परियोजना न केवल फिल्म उद्योग को नई ऊंचाइयां प्रदान करेगी, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था और पर्यटन को भी जबरदस्त गति देगी।
अंततः, सांसद बृजमोहन अग्रवाल के इन प्रयासों से छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति और प्रतिभा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान मिलने वाली है। राज्य की फिल्म नीति और केंद्रीय फिल्म सुविधा तंत्र के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होने से आने वाले समय में छत्तीसगढ़ भारतीय सिनेमा का एक अनिवार्य हिस्सा बनकर उभरेगा, जिससे प्रदेश के युवाओं के लिए सपनों की उड़ान अब और भी आसान हो जाएगी।

