छत्तीसगढ़ में गर्मी के तेवर अब जानलेवा होने लगे हैं। मौसम विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि अगले दो से तीन दिनों तक राज्य के लोगों को चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं के थपेड़ों से राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है। शुक्रवार को राज्य के अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा गया, जिससे स्पष्ट है कि भीषण गर्मी का यह सिलसिला फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है।
मौसम विभाग की ताजा चेतावनी के अनुसार, राजधानी रायपुर सहित दुर्ग और बिलासपुर संभाग के जिलों में अगले 48 घंटों तक ‘लू’ (Heat Wave) चलने की प्रबल संभावना है। विभाग ने इन क्षेत्रों के कुछ पॉकेट्स के लिए अलर्ट जारी किया है, जहाँ दिन के समय गर्म हवाएं लोगों की मुश्किलें बढ़ाएंगी। इन इलाकों में शुष्क मौसम के साथ-साथ तेज धूप का असर सबसे ज्यादा महसूस किया जाएगा।
आंकड़ों की बात करें तो पिछले 24 घंटों में राजनांदगांव प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहाँ पारा 44 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा। वहीं, राजधानी रायपुर में भी तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। राहत की बात केवल उत्तर छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर जैसे क्षेत्रों में है, जहाँ न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है, जो रात के समय थोड़ी ठंडक का अहसास करा रहा है।
इस भीषण गर्मी के पीछे के वैज्ञानिक कारणों को समझाते हुए मौसम विशेषज्ञ एचपी चंद्रा ने बताया कि वर्तमान में तीन अलग-अलग मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं। उत्तर बिहार से लेकर दक्षिण छत्तीसगढ़ और ओडिशा तक एक द्रोणिका बनी हुई है, जबकि महाराष्ट्र और तेलंगाना के ऊपर एक प्रति चक्रवात विकसित है। इन प्रणालियों के कारण गर्म और शुष्क हवाओं का प्रवाह सीधे छत्तीसगढ़ की ओर हो रहा है, जिससे तापमान स्थिर बना हुआ है।
मध्य छत्तीसगढ़ जहाँ गर्मी से तप रहा है, वहीं बस्तर संभाग के लिए राहत की एक उम्मीद जगी है। मौसम विभाग का अनुमान है कि बस्तर के दक्षिणी हिस्सों में स्थानीय मौसमी बदलावों के कारण गरज-चमक के साथ हल्की स्थिति बन सकती है। हालांकि, यह बदलाव केवल स्थानीय स्तर पर होगा और इससे राज्य के बाकी हिस्सों के तापमान में कोई विशेष गिरावट दर्ज नहीं की जाएगी।
राजधानी रायपुर के लिए आज का दिन काफी चुनौतीपूर्ण रहने वाला है। यहाँ का मौसम पूरी तरह शुष्क रहेगा और अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे दोपहर 12 से 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें और शरीर में पानी की कमी न होने दें, क्योंकि गर्म हवाएं लू लगने का खतरा बढ़ा सकती हैं।

