पश्चिम एशिया में गहराते सैन्य संकट और सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए एयर इंडिया ने इजरायल के लिए अपनी सभी उड़ानें 31 मई 2026 तक निलंबित करने का एक बड़ा निर्णय लिया है। विमानन कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की है कि नई दिल्ली और तेल अवीव के बीच चलने वाली सीधी हवाई सेवा फिलहाल बंद रहेगी। यह फैसला उस समय आया है जब ईरान और इजरायल के बीच जारी संघर्ष ने पूरे खाड़ी क्षेत्र की स्थिरता और हवाई क्षेत्र की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है।
इस निलंबन का सबसे बड़ा असर इजरायल में रह रहे 40,000 से अधिक भारतीयों पर पड़ा है। इनमें पेशेवर कामगारों से लेकर बड़ी संख्या में छात्र शामिल हैं, जो वर्तमान तनावपूर्ण स्थिति के बीच भारत लौटना चाहते हैं। सीधी उड़ानों के बंद होने से इन लोगों के सामने घर वापसी की गंभीर चुनौती खड़ी हो गई है। अब भारतीयों को मजबूरी में जॉर्डन या मिस्र जैसे पड़ोसी देशों के रास्ते लंबी और जोखिम भरी जमीनी यात्रा कर वैकल्पिक उड़ानों का सहारा लेना पड़ रहा है।
क्षेत्र में तनाव की शुरुआत इस साल 28 फरवरी को हुई, जब अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद हालात नियंत्रण से बाहर हो गए। इसके जवाब में ईरान की ओर से की गई सैन्य कार्रवाई ने पूरे क्षेत्र को युद्ध की आग में झोंक दिया है। इस संघर्ष का सीधा असर न केवल अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर पड़ा है, बल्कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और क्षेत्रीय व्यापारिक मार्गों पर भी इसके गंभीर परिणाम देखे जा रहे हैं।
सुरक्षा की दृष्टि से तेल अवीव जाने वाले रूट को फिलहाल दुनिया की अधिकांश प्रमुख एयरलाइनों के लिए असुरक्षित माना जा रहा है। वर्तमान में केवल इजरायली विमानन कंपनियां जैसे एल अल (El Al) और इस्रायर ही कड़ी पाबंदियों और सुरक्षा घेरे के बीच परिचालन कर रही हैं। एयर इंडिया का मानना है कि यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा सर्वोपरि है, इसलिए बोइंग 787 ड्रीमलाइनर जैसे अत्याधुनिक विमानों के साथ 1 जनवरी को शुरू हुई इस सेवा को फिलहाल रोकना ही उचित है।
संकट की इस घड़ी में तेल अवीव स्थित भारतीय दूतावास सक्रिय भूमिका निभा रहा है। राजदूत जेपी सिंह और उनकी टीम ने इजरायल में मौजूद भारतीय समुदाय, विशेषकर छात्रों और श्रमिकों के साथ वर्चुअल बैठकें की हैं। दूतावास ने नागरिकों की समस्याओं को सुनने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक 24×7 आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति में तत्काल मदद पहुंचाई जा सके।
दूतावास द्वारा भारतीय नागरिकों के लिए एक विशेष रजिस्ट्रेशन अभियान भी चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य सभी भारतीयों का डेटा अपडेट रखना है ताकि यदि स्थिति और बिगड़ती है, तो उन्हें सुरक्षित निकालने की योजना (Evacuation plan) को तेजी से क्रियान्वित किया जा सके। दूतावास ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे स्थानीय सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करें और अनावश्यक यात्राओं से बचें।
फिलहाल, एयर इंडिया और भारत सरकार पश्चिम एशिया की स्थिति पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं। विमानन कंपनी ने स्पष्ट किया है कि उड़ानों की बहाली पूरी तरह से क्षेत्र में सुरक्षा हालातों में सुधार और अंतरराष्ट्रीय हवाई गलियारों की स्थिरता पर निर्भर करेगी। तब तक, प्रभावित यात्रियों को रिफंड और टिकट कैंसिलेशन के संबंध में विशेष राहत प्रदान की जा रही है।

