छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। जिला प्रशासन ने आगामी जनगणना 2027 के कार्यों को पूरी गंभीरता से लेते हुए जिले के सभी शासकीय सेवकों के अवकाश पर पूर्णतः प्रतिबंध लगा दिया है। कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी कुणाल दुदावत के निर्देशानुसार यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य को बिना किसी बाधा के, व्यवस्थित और निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जा सके।
प्रशासन द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, जनगणना अभियान की संवेदनशीलता को देखते हुए अब किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को सामान्य रूप से छुट्टी नहीं मिल सकेगी। हालांकि, विशेष और अपरिहार्य परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए एक अवकाश समीक्षा समिति का गठन किया गया है। यह समिति प्राप्त आवेदनों की बारीकी से जांच करेगी और ठोस कारणों के आधार पर ही अपनी अनुशंसा कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत करेगी, जिस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
इस विशेष समिति की कमान डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी जनगणना अधिकारी तुलाराम भारद्वाज को सौंपी गई है, जिन्हें समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। उनके साथ जिला योजना एवं सांख्यिकी अधिकारी मोहन सिंह कंवर सदस्य सचिव के रूप में और जिला सूचना एवं विज्ञान अधिकारी हेमंत जायसवाल सदस्य के रूप में कार्य करेंगे। यह टीम यह सुनिश्चित करेगी कि केवल अत्यंत आवश्यक होने पर ही ड्यूटी से छूट दी जाए, ताकि मैदानी स्तर पर काम प्रभावित न हो।
फिलहाल यह आदेश केवल कोरबा जिले के लिए प्रभावी हुआ है, लेकिन प्रशासनिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि राज्य के अन्य जिलों में भी जल्द ही इसी तरह के प्रतिबंध लागू किए जा सकते हैं। जनगणना 2027 की तैयारियों को देखते हुए शासन-प्रशासन कोई भी ढिलाई नहीं बरतना चाहता है। ऐसे में कोरबा जिले के कर्मचारियों को अब अपनी जिम्मेदारियों को प्राथमिकता देते हुए इस महत्वपूर्ण अभियान में जुटना होगा।

