छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के अभनपुर इलाके से रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया है। पुलिस ने भरेंगाभाठा गांव के पास मुरूम खदान में दफन मिले युवक नितेश बत्रा की मौत की गुत्थी सुलझाते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में खुलासा हुआ है कि नितेश की हत्या किसी पेशेवर रंजिश में नहीं, बल्कि एक उलझे हुए लव ट्रायंगल के कारण की गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इस मामले को और भी वीभत्स बना दिया, जिसमें पुष्टि हुई कि युवक को गला घोंटने के बाद जिंदा ही जमीन में दफन कर दिया गया था।
घटना की शुरुआत 16 मार्च की रात से हुई, जब नितेश बत्रा और मुख्य आरोपी श्याम सुंदर सोनी के बीच आरोपी महिला सावित्री साहू के घर पर तीखी बहस हुई। पुलिस के अनुसार, सावित्री और श्याम सुंदर के बीच प्रेम संबंध थे, लेकिन नितेश भी पूर्व में सावित्री के साथ रिश्ते में रह चुका था। सावित्री अब नितेश से अपना पीछा छुड़ाना चाहती थी। इसी बात को लेकर उस रात विवाद इतना बढ़ा कि श्याम सुंदर ने लकड़ी से नितेश पर जानलेवा हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि सावित्री ने भी श्याम को उकसाया, जिसके बाद अन्य साथियों को बुलाकर नितेश की बेरहमी से पिटाई की गई।
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने बड़ी चालाकी से सबूत मिटाने की साजिश रची। गंभीर रूप से घायल नितेश को एक ऑटो में बैठाकर वे काफी देर तक सड़कों पर घूमते रहे। पुलिस को गुमराह करने और मामले को सड़क हादसे का रूप देने के लिए उन्होंने नितेश की स्कूटी को एक पुलिया के नीचे फेंक दिया। आरोपियों को लगा कि स्कूटी मिलने पर पुलिस इसे महज एक एक्सीडेंट मानकर फाइल बंद कर देगी, लेकिन उनकी क्रूरता का अंत यहीं नहीं हुआ।
पिटाई के बाद जब नितेश की हालत बिगड़ गई, तो आरोपी उसे एक सुनसान इलाके में ले गए। वहां आरोपियों ने उसका गला दबाने की कोशिश की और जब वह अधमरी स्थिति में पहुँच गया, तो उसे मरा हुआ समझकर मुरूम खदान में दफन कर दिया। हालांकि, मेडिकल रिपोर्ट में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि दफन करते समय नितेश की सांसें चल रही थीं। 21 मार्च को सड़क किनारे गड्ढे में शव मिलने के बाद जब पुलिस ने तफ्तीश शुरू की, तब इस पूरी साजिश की परतें खुलनी शुरू हुईं।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मुखबिरों की सूचना और तकनीकी विश्लेषण की मदद से मामले की कड़ियां जोड़ीं। इस मामले में मुख्य आरोपी श्याम सुंदर सोनी, सावित्री साहू और सुमित कोसले समेत दो नाबालिगों को हिरासत में लिया गया है। जांच में यह भी पता चला है कि श्याम सुंदर सोनी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और वह पॉक्सो (POCSO) एक्ट का आरोपी भी है। फिलहाल, घटना में शामिल एक अन्य आरोपी माइकल सैनी अभी भी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है।
इस घटना ने इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त लकड़ी, ऑटो और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जब्त कर लिए हैं। कानून विशेषज्ञों का मानना है कि जिस बर्बरता से इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया है, वह कोर्ट में आरोपियों के खिलाफ बेहद कड़ा आधार बनेगा। रायपुर पुलिस ने आश्वासन दिया है कि फरार आरोपी को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा और सभी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

