अयोध्या में स्थित राम जन्मभूमि मंदिर इस अवसर पर आस्था का मुख्य केंद्र बना हुआ है। यहां दोपहर 12 बजे रामलला का भव्य ‘सूर्य तिलक’ किया जाएगा, जिसमें सूर्य की किरणें सीधे भगवान राम के मस्तक पर पड़ेंगी। यह अद्भुत दृश्य लगभग चार मिनट तक दिखाई देगा, जिसे देखने के लिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हैं।
मंदिर प्रशासन द्वारा इस ऐतिहासिक आयोजन को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और दर्शन की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। प्रशासन लगातार व्यवस्थाओं पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो।
देशभर के विभिन्न मंदिरों में भी राम नवमी के अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना, रामायण पाठ, भजन-कीर्तन और शोभायात्राओं का आयोजन किया जा रहा है। हर ओर ‘जय श्रीराम’ के जयकारों से माहौल भक्तिमय बना हुआ है और लोग पूरे उत्साह के साथ इस पर्व को मना रहे हैं।
यह पर्व न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपरा की भव्यता को भी दर्शाता है। करोड़ों श्रद्धालु इस दिन भगवान श्रीराम की पूजा कर उनके आदर्शों को अपनाने का संकल्प लेते हैं और समाज में धर्म, मर्यादा और सद्भाव का संदेश फैलाते हैं।

