पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले के दिनहाटा-2 ब्लॉक के बड़ा शाकदल ग्राम पंचायत अंतर्गत कुचनी गांव में राजनीतिक रंजिश और हिंसा का एक बेहद झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। बुधवार की रात जब शिक्षक देवजीत बर्मन ट्यूशन पढ़ाकर अपने घर लौट रहे थे, तब रास्ते में कुछ लोगों ने उन पर अचानक हमला कर दिया। किसी तरह जान बचाकर वे अपने घर पहुंचे, लेकिन हमलावरों ने वहां भी उनका पीछा नहीं छोड़ा और घर के अंदर घुसकर उन पर दोबारा हमला कर दिया।
इस हिंसक झड़प के दौरान जब देवजीत की आठ महीने की गर्भवती पत्नी प्रिया पाल अपने पति को बचाने के लिए आगे आईं, तो आरोपियों ने उनके साथ भी बेरहमी से मारपीट की। इस क्रूरता और शारीरिक प्रताड़ना का असर गर्भस्थ शिशु पर पड़ा और शुक्रवार को प्रिया पाल ने एक मृत बच्चे को जन्म दिया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में भारी तनाव और स्थानीय लोगों के बीच गहरा आक्रोश व्याप्त है।
पीड़ित शिक्षक देवजीत बर्मन का आरोप है कि उनकी एक रिश्तेदार तृणमूल कांग्रेस से जुड़ी हुई है, और इसी राजनीतिक जुड़ाव के कारण भाजपा से जुड़े कथित लोगों ने उनके परिवार को निशाना बनाया। इस संबंध में साहेबगंज थाने में कुल दस लोगों के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराई गई है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक दो आरोपियों, चंदन बर्मन और मनोरंजन बर्मन को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
घटना के तूल पकड़ने के बाद शनिवार को दिनहाटा के तृणमूल विधायक अजय राय पीड़ित परिवार से मिलने उनके घर पहुंचे और पूरी घटना की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने भाजपा के तीन नंबर मंडल अध्यक्ष चाणक्य बर्मन को फोन कर कड़ी फटकार भी लगाई। विधायक ने कहा कि उन्हें इस घटना की जानकारी मिलते ही आवश्यक कदम उठाए गए हैं और उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर सभी दोषियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजने की मांग की है।
विधायक अजय राय ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाते हुए हरसंभव मदद और समर्थन का आश्वासन दिया है। उन्होंने मीडिया और परिवार से बात करते हुए कहा कि पुलिस ने दो लोगों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि प्रशासन अपना काम कर रहा है। वहीं, पीड़ित शिक्षक देवजीत बर्मन ने विधायक के दौरे और उनके द्वारा दिए गए भरोसे के बाद न्याय की उम्मीद जताई है, जबकि स्थानीय लोग इस अमानवीय घटना के दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग पर अड़े हैं।

