छत्तीसगढ़ में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW), भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के मामलों में एक बार फिर बड़ा शिकंजा कसा है। प्रदेशभर में चर्चित शराब घोटाला (CSMCL), कोल लेवी और चिकित्सा/मेडिकल (CGMSC) से जुड़े मामलों की जांच के सिलसिले में लगभग डेढ़ दर्जन (16 से अधिक) ठिकानों पर एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी की गई है। इस अचानक हुई बड़ी कार्रवाई से राज्य के राजनीतिक और व्यावसायिक हलकों में हड़कंप मच गया है।
राजधानी रायपुर से लेकर बिलासपुर, दुर्ग, भिलाई, राजनांदगांव और गरियाबंद जैसे जिलों में सुबह तड़के ही जांच टीमों ने दबिश दी। रायपुर के वीआईपी स्टेट और बैरन बाजार जैसे पॉश इलाकों में रियल एस्टेट कारोबारियों और संदिग्धों के ठिकानों पर अधिकारियों ने डेरा डाला। इसके अलावा राजनांदगांव में सनसिटी और लालबाग क्षेत्र स्थित कारोबारियों के आवासों पर भी एक साथ कार्रवाई की गई।
यह पूरी कार्रवाई मुख्य रूप से बहुचर्चित शराब सिंडिकेट, अवैध कोयला लेवी वसूली और सरकारी खरीदी में गड़बड़ियों की फाइलों को खंगालने के लिए की जा रही है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, जांच एजेंसियां पिछले घोटालों के तार जोड़ते हुए नए वित्तीय लेन-देन और संदिग्ध संपर्कों की कड़ियां तलाश रही हैं। कई ठिकानों पर कागजी दस्तावेजों के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और डिजिटल साक्ष्यों की बारीकी से जांच की जा रही है।
राजनांदगांव में कारोबारी वैभव गोलछा और जय बग्गा के ठिकानों पर हुई रेड के दौरान स्थानीय स्तर पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। वहीं बिलासपुर और भिलाई क्षेत्र में भी कोल और परिवहन कारोबार से जुड़े परिसरों की तलाशी ली गई। अधिकारियों ने परिसरों में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगाते हुए संबंधित दस्तावेजों को अपने कब्जे में लेना शुरू कर दिया है।
विगत कुछ समय से राज्य में विभिन्न स्तरों पर हुए वित्तीय घोटालों के मामलों में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि अवैध धन का प्रवाह किन-किन व्यावसायिक घरानों और चेहरों तक पहुंचा था। जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों और बैंक खातों के ब्योरे से कई अन्य बड़े खुलासे होने की पूरी संभावना जताई जा रही है।
छापेमारी की यह कार्रवाई देर शाम तक अलग-अलग ठिकानों पर जारी रही। फिलहाल सभी संबंधित जांच एजेंसियां दस्तावेजों के विश्लेषण में जुटी हैं और तलाशी अभियान पूरा होने के बाद ही इस संबंध में कोई आधिकारिक और विस्तृत बयान जारी किए जाने की उम्मीद है। इस कार्रवाई के बाद से संदिग्ध कारोबारियों और राजनीतिक रूप से जुड़े लोगों में तनाव का माहौल देखा जा रहा है।

