विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) की नीलामी में कई बड़े और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित खिलाड़ियों को फ्रेंचाइजी का समर्थन नहीं मिल पाया, जिससे क्रिकेट जगत में काफी हैरानी जताई जा रही है। इस ऑक्शन में कुछ ऐसे नाम भी शामिल रहे, जिन्होंने अपने शानदार प्रदर्शन से दुनिया भर में खास पहचान बनाई है, लेकिन इसके बावजूद वे अनसोल्ड (Unsold) रह गए।
श्रीलंका महिला क्रिकेट टीम की कप्तान और आधुनिक क्रिकेट की सबसे आक्रामक बल्लेबाजों में शुमार चमारी अटापट्टू का इस नीलामी में न बिकना सबसे बड़ा चौंकाने वाला फैसला रहा। अपने दम पर मैच जिताने की काबिलियत रखने वाली अटापट्टू ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर कई ऐतिहासिक पारियां खेली हैं और टी20 विश्व कप में उनके बल्ले से शानदार शतक भी निकला है। इसके बावजूद किसी भी टीम ने उन पर भरोसा नहीं जताया, जो कि खेल प्रेमियों के लिए अप्रत्याशित था।
इस फेरबदस्त में भारतीय दल की युवा और प्रतिभाशाली विकेटकीपर-बल्लेबाज उमा क्षेत्री को भी भारी निराशा हाथ लगी। घरेलू क्रिकेट और भारत के लिए अलग-अलग मौकों पर अपनी उपयोगिता साबित कर चुकी उमा क्षेत्री को भी इस बार WPL ऑक्शन में कोई खरीदार नहीं मिल सका, जिससे उनके फैंस को मायूस होना पड़ा है।
इसके अलावा, भारतीय घरेलू सर्किट में अपनी फिरकी से बल्लेबाजों को परेशान करने वाली युवा लेग स्पिनर प्रिया मिश्रा भी अनसोल्ड खिलाड़ियों की सूची में शामिल रहीं। प्रिया ने अपने घरेलू और ए-टीम मुकाबलों में लगातार बेहतरीन गेंदबाजी से सबका ध्यान खींचा था, लेकिन फ्रेंचाइजी की रणनीतिक जरूरतों के चलते उन्हें इस बार नीलामी में अनुबंध हासिल नहीं हो पाया।
इन बड़े खिलाड़ियों का अनसोल्ड रहना यह दर्शाता है कि WPL ऑक्शन के दौरान फ्रेंचाइजी की प्राथमिकताएं और कॉम्बिनेशन की जरूरतें बेहद अलग होती हैं। कई बार बेहतरीन खिलाड़ियों को भी टीमों के सीमित स्लॉट और संतुलन के समीकरणों के कारण बाहर बैठना पड़ जाता है। बहरहाल, इन खिलाड़ियों के इस तरह अचानक बाहर रह जाने से महिला क्रिकेट गलियारों में लंबी चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

