सुप्रीम कोर्ट ने हिंदी दिवस के अवसर पर आम नागरिकों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक पहल की शुरुआत की है, जिसे ‘जन सूचना सेवा’ नाम दिया गया है। इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य देश के आम लोगों, विशेषकर उन नागरिकों को अदालत के फैसलों से जोड़ना है जो अंग्रेजी की जटिल कानूनी शब्दावली और भारी-भरकम तकनीकी भाषा के कारण न्याय प्रक्रिया को आसानी से समझ नहीं पाते थे। अब सर्वोच्च न्यायालय के महत्वपूर्ण फैसले और आदेश सरल और सहज हिंदी में उपलब्ध कराए जाएंगे।
इस पहल के तहत सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए जाने वाले चुनिंदा फैसलों का संक्षिप्त और स्पष्ट सारांश तैयार किया जाएगा, जिसमें बिना किसी पेचीदगियों के मुकदमे के मुख्य बिन्दुओं और अदालत के निर्णय को समझाया जाएगा। आम बोलचाल की भाषा का प्रयोग होने से वादकारियों (मुकदमा लड़ने वाले पक्षों) के लिए यह जानना बहुत आसान हो जाएगा कि अदालत ने उनके मामले में क्या रुख अपनाया है और उनके अधिकार क्या हैं।
लिखित सारांश के साथ-साथ इस सेवा के अंतर्गत ऑडियो और वीडियो बुलेटिन भी जारी किए जाने की योजना है। लगभग 15 से 30 मिनट के इन डिजिटल बुलेटिनों के माध्यम से फैसलों को प्रसारित किया जाएगा, जिससे वे लोग भी लाभान्वित हो सकें जो लंबे कानूनी दस्तावेजों को पढ़ने में असमर्थ हैं या जिन्हें पढ़ने में कठिनाई होती है। इससे देश के सुदूर ग्रामीण अंचलों तक न्याय प्रणाली की पहुंच और अधिक सुगम हो जाएगी।
सुशासन और पारदर्शिता की दिशा में उठाए गए इस कदम से आम जनता और न्यायपालिका के बीच की दूरी कम होगी। अक्सर ऐसा देखा जाता है कि कानूनी प्रक्रियाओं की जटिलता के कारण आम आदमी भ्रमित रहता है, लेकिन अब अपनी भाषा में फैसले की जानकारी मिलने से नागरिकों का न्याय व्यवस्था पर भरोसा और अधिक मजबूत होगा। हालांकि, स्पष्ट किया गया है कि यह सारांश केवल समझने के उद्देश्य से है और आधिकारिक कानूनी कार्रवाइयों के लिए मूल अंग्रेजी फैसला ही अंतिम और प्रामाणिक माना जाएगा।
इस सेवा की शुरुआत फिलहाल हिंदी भाषा से की जा रही है, परंतु आने वाले समय में इसका विस्तार अन्य क्षेत्रीय और भारतीय भाषाओं में भी किया जाएगा ताकि देश के हर हिस्से के लोग अपनी मातृभाषा में सर्वोच्च न्यायालय के फैसलों से अवगत हो सकें। यह पहल भारतीय न्याय प्रणाली के इतिहास में मील का पत्थर साबित होगी, जो ‘सभी के लिए सुलभ न्याय’ के सपने को वास्तव में जमीन पर उतारने का काम करेगी।

