छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने राज्य के विभिन्न निगमों, मंडलों और आयोगों में नियुक्त प्रमुख पदाधिकारियों को बड़ा प्रशासनिक सम्मान देते हुए राज्य मंत्री का दर्जा प्रदान किया है। इस संबंध में शासन द्वारा गत 2 सितंबर को आधिकारिक आदेश जारी कर दिया गया है, जो तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। इस हालिया प्रशासनिक फेरबदल और सम्मान के तहत सत्ता संगठन से जुड़े प्रमुख चेहरों को यह विशिष्ट दर्जा मिला है।
जारी की गई आधिकारिक सूची के अनुसार, संजय अग्रवाल को छत्तीसगढ़ राज्य योग आयोग के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी के साथ राज्य मंत्री का दर्जा दिया गया है। वहीं, अजय शुक्ला को छत्तीसगढ़ राज्य आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड का उपाध्यक्ष नियुक्त करते हुए राज्य मंत्री के समकक्ष प्रशासनिक प्रतिष्ठा प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त, शरद अवस्थी को इंद्रावती बेसिन विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी के साथ यह महत्वपूर्ण दर्जा मिला है।
शासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि इन सभी पदाधिकारियों को यह राज्य मंत्री का दर्जा मुख्य रूप से प्रशासनिक शिष्टाचार यानी प्रोटोकॉल के उद्देश्य से दिया गया है। इन सभी नियुक्त पदाधिकारियों को नियमानुसार मिलने वाली तमाम सुख-सुविधाएं और संसाधन उपलब्ध कराने की मुख्य जिम्मेदारी संबंधित प्रशासनिक विभागों और आयोगों की होगी। यह आदेश जारी होने की तिथि से ही प्रभावी माना जाएगा।

इस पूरे प्रशासनिक आदेश में यह भी विशेष रूप से स्पष्ट किया गया है कि यह सूची किसी भी प्रकार की वरिष्ठता या प्रादेशिक प्रोटोकॉल की स्थिति को नहीं दर्शाती है। विभाग द्वारा जारी यह अधिसूचना केवल संबंधित पदों की गरिमा और प्रशासनिक कार्यों के सुचारू संचालन के मद्देनजर शिष्टाचार प्रदान करने के लिए है। छत्तीसगढ़ शासन के इस कदम से इन आयोगों और बोर्डों के कामकाज में और अधिक गति आने की उम्मीद जताई जा रही है।

