केरल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के बाद राज्य में राजनीतिक हलचल अपने चरम पर है। कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) की शानदार जीत के बाद अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि केरल का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। फिलहाल, कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल का नाम इस रेस में सबसे आगे चल रहा है, जिसे लेकर पार्टी के भीतर और बाहर भारी चर्चा है।
हाल ही में सोशल मीडिया पर एक कथित गोपनीय पत्र की तस्वीर वायरल हुई है, जिसने राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। यह पत्र कांग्रेस पर्यवेक्षक मुकुल वासनिक के हाथ में देखा गया था, जिसमें विधायकों की पसंद दर्ज थी। इस लीक हुई जानकारी के अनुसार, कांग्रेस के 63 नवनिर्वाचित विधायकों में से लगभग 47 विधायकों ने केसी वेणुगोपाल को मुख्यमंत्री बनाने का समर्थन किया है, जिससे उनकी दावेदारी बेहद मजबूत हो गई है।
एआईसीसी (AICC) के केंद्रीय पर्यवेक्षकों, मुकुल वासनिक और अजय माकन ने तिरुवनंतपुरम में सभी विधायकों के साथ आमने-सामने की बैठक की थी। इस बैठक का उद्देश्य मुख्यमंत्री पद के लिए सर्वसम्मति बनाना था। वायरल फोटो के अनुसार, कई ऐसे विधायकों ने भी वेणुगोपाल का नाम प्रस्तावित किया है जो पहले अन्य गुटों के माने जाते थे। इनमें संदीप जी. वारियर, सजीव जोसेफ और टी.ओ. मोहन जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं।
इस पूरी प्रक्रिया में एक चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब प्रदेश अध्यक्ष सनी जोसेफ का रुख बदला हुआ नजर आया। चर्चा थी कि वे वीडी सतीशन का समर्थन कर रहे हैं, लेकिन वायरल लिस्ट के मुताबिक उन्होंने भी केसी वेणुगोपाल के पक्ष में अपनी राय दी है। इस घटनाक्रम के बाद सनी जोसेफ ने अपनी निर्धारित प्रेस कॉन्फ्रेंस भी रद्द कर दी, जिससे कयासों का बाजार और गर्म हो गया है।
दूसरी ओर, वीडी सतीशन को भी एक बेहद मजबूत दावेदार माना जा रहा है। उनके समर्थकों का तर्क है कि सतीशन ने ही विपक्ष के नेता के रूप में एलडीएफ (LDF) सरकार के खिलाफ मोर्चा संभाला और कार्यकर्ताओं में नई जान फूंकी। जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं का एक बड़ा वर्ग सतीशन को मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहता है, क्योंकि उन्हें ही इस जीत का मुख्य सूत्रधार माना जा रहा है।
अनुभव के मामले में रमेश चेन्निथला का नाम भी चर्चाओं में बना हुआ है। पार्टी के पुराने दिग्गजों और गठबंधन के कुछ सहयोगियों का मानना है कि केरल जैसे राज्य को चलाने के लिए चेन्निथला का प्रशासनिक अनुभव सबसे ज्यादा काम आएगा। हालांकि, वर्तमान समीकरणों को देखते हुए मुकाबला मुख्य रूप से वेणुगोपाल और सतीशन के बीच ही सिमटता नजर आ रहा है।
अंतिम फैसले की जिम्मेदारी अब कांग्रेस आलाकमान पर है। विधायक दल की बैठक में एक प्रस्ताव पारित कर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को मुख्यमंत्री चुनने का अधिकार दिया गया है। सूत्रों का कहना है कि केसी वेणुगोपाल फिलहाल दिल्ली में हैं और आलाकमान के साथ चर्चा कर रहे हैं। पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट के आधार पर खरगे जल्द ही अंतिम मोहर लगा सकते हैं।
संभावना जताई जा रही है कि रविवार, 10 मई तक केरल के नए मुख्यमंत्री के नाम का आधिकारिक ऐलान कर दिया जाएगा। घोषणा के बाद अगले दो दिनों के भीतर शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होने की उम्मीद है। केरल की जनता और यूडीएफ के कार्यकर्ता अब सांसें थामकर दिल्ली से आने वाले आदेश का इंतजार कर रहे हैं।

