छत्तीसगढ़ में बीते कुछ दिनों से जारी भीषण गर्मी के बीच मौसम ने अचानक करवट ली है, जिससे विशेष रूप से उत्तरी और मध्य इलाकों के निवासियों को बड़ी राहत मिली है। मंगलवार की शाम राजधानी रायपुर सहित कई जिलों में तेज अंधड़ के साथ झमाझम बारिश दर्ज की गई। इस मौसमी बदलाव के कारण पूरे प्रदेश के तापमान में भारी गिरावट आई है, जिससे पारा अब 40 डिग्री सेल्सियस के नीचे लुढ़क गया है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तरी और मध्य छत्तीसगढ़ में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की कमी देखी गई है।
मंगलवार को दर्ज आंकड़ों के मुताबिक, रायपुर प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 38.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। हालांकि, शाम को हुई बारिश और ठंडी हवाओं ने वातावरण को खुशनुमा बना दिया है। मौसम विज्ञानियों का अनुमान है कि अगले दो दिनों तक पूरे प्रदेश में एक-दो स्थानों पर तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान और बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी। विशेष रूप से दक्षिणी छत्तीसगढ़ में अगले पांच दिनों तक हल्की बारिश और गरज-चमक की चेतावनी जारी की गई है।
मौसम विज्ञानी एच. पी. चंद्रा ने इस बदलाव के पीछे कई तकनीकी कारणों का हवाला दिया है। उनके अनुसार, वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ कश्मीर के ऊपर सक्रिय है, जबकि उत्तर प्रदेश और दक्षिण मध्य प्रदेश के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) बना हुआ है। इसके साथ ही, दक्षिण मध्य प्रदेश से बिहार तक छत्तीसगढ़ होकर गुजरने वाली एक द्रोणिका (Trough line) भी सक्रिय है। इन प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से बंगाल की खाड़ी से नमी आ रही है, जो बारिश और आंधी का मुख्य कारण बन रही है।
रायपुर शहर के लिए जारी विशेष पूर्वानुमान के अनुसार, 6 मई को भी आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। शहर में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम वर्षा होने के आसार जताए गए हैं, जिससे अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रह सकता है। विभाग ने यह भी सचेत किया है कि प्रदेश में कुछ स्थानों पर अंधड़ के साथ बिजली गिरने (वज्रपात) की आशंका है, इसलिए नागरिकों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
खेती-किसानी के नजरिए से यह बारिश मिश्रित प्रभाव वाली हो सकती है। जहां एक ओर तापमान गिरने से आम जनजीवन को राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर तेज अंधड़ और अचानक होने वाली बारिश से खुले में रखी फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा भी बना हुआ है। आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान में और भी गिरावट होने की संभावना जताई गई है, जिससे फिलहाल प्रदेशवासियों को लू और चुभती गर्मी के प्रकोप से सुरक्षा मिलेगी।

