5 राज्यों के हालिया विधानसभा चुनाव परिणामों ने भारतीय राजनीति की दिशा बदल दी है, जिसके बाद कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भाजपा और चुनाव आयोग पर तीखे हमले किए हैं। पश्चिम बंगाल और असम जैसे राज्यों में विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ को मिली करारी हार के बाद राहुल गांधी ने इन नतीजों को जनता का असली जनादेश मानने से इनकार कर दिया है। उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि इन राज्यों में लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ किया गया है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर अपना गुस्सा जाहिर करते हुए लिखा कि पश्चिम बंगाल और असम में चुनाव परिणामों को भाजपा ने चुनाव आयोग के सहयोग से प्रभावित किया है। उन्होंने इसे ‘चुनाव चोरी’ और ‘संस्था चोरी’ करार देते हुए दावा किया कि भाजपा ने सत्ता हथियाने के लिए वही पुरानी तकनीक अपनाई है, जो उन्होंने पूर्व में मध्य प्रदेश, हरियाणा और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में इस्तेमाल की थी।
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की हार पर राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का खुलकर समर्थन किया है। उन्होंने ममता बनर्जी के उस दावे को सही बताया जिसमें कहा गया था कि बंगाल में 100 से अधिक सीटों पर धांधली और लूट की गई है। राहुल गांधी का मानना है कि भाजपा ने संवैधानिक संस्थाओं पर दबाव बनाकर बंगाल के गढ़ में सेंध लगाई है, जिसे वे स्वीकार नहीं करेंगे।
इन चुनाव परिणामों में सबसे चौंकाने वाला उलटफेर पश्चिम बंगाल में देखने को मिला, जहाँ भाजपा ने 15 साल पुराने टीएमसी के किले को ध्वस्त कर पहली बार सत्ता हासिल की है। वहीं, असम में भाजपा ने अपनी विकास योजनाओं के दम पर जीत की हैट्रिक लगाई है। पुडुचेरी में भी एनडीए अपनी सत्ता बचाने में कामयाब रही, जिससे भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन का मनोबल काफी ऊंचा नजर आ रहा है।
दक्षिण भारत के परिणामों ने सभी को हैरान कर दिया है, विशेषकर तमिलनाडु में जहाँ सुपरस्टार विजय की पार्टी ‘टीवीके’ ने डीएमके और एडीएमके जैसे दशकों पुराने राजनीतिक दिग्गजों को पीछे छोड़ दिया है। टीवीके का सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरना तमिलनाडु की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत माना जा रहा है। हालांकि, पुडुचेरी और तमिलनाडु के इन परिणामों ने क्षेत्रीय दलों के प्रभुत्व पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
कांग्रेस के लिए इस पूरी चुनावी जंग में केरल ‘उम्मीद की किरण’ बनकर उभरा है। 10 साल के लंबे इंतजार के बाद कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ (UDF) ने केरल में सत्ता में वापसी की है। कर्नाटक और तेलंगाना के बाद केरल अब देश का ऐसा राज्य होगा जहाँ कांग्रेस का मुख्यमंत्री होगा। राहुल गांधी ने केरल की जीत पर खुशी जताई है, लेकिन बंगाल और असम की हार ने उनके जश्न को फीका कर दिया है।
निष्कर्ष के तौर पर देखें तो इन 5 राज्यों के नतीजों ने ‘इंडिया’ गठबंधन को आत्ममंथन करने पर मजबूर कर दिया है। जहाँ एक तरफ भाजपा ने पूर्वोत्तर और बंगाल में अपनी पैठ मजबूत की है, वहीं विपक्षी दलों ने चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाकर भविष्य की राजनीति को संघर्षपूर्ण बना दिया है। राहुल गांधी के बयानों से साफ है कि आने वाले समय में कांग्रेस ईवीएम और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर और भी आक्रामक रुख अपनाएगी।

