जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के दक्षिण बस्तर स्थित दंतेवाड़ा जिले में सुरक्षा बलों ने नक्सल विरोधी अभियान के तहत एक बड़ी सफलता अर्जित की है। जिले के बारसूर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले तोडमा गांव के घने जंगलों में चलाए गए एक सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों द्वारा छिपाया गया हथियारों और विस्फोटकों का एक विशाल जखीरा (डंप) बरामद किया गया है। यह कार्रवाई सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव और सटीक खुफिया तंत्र का परिणाम मानी जा रही है।
यह महत्वपूर्ण ऑपरेशन केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की 195वीं वाहिनी और जिला पुलिस बल की एक संयुक्त टीम द्वारा अंजाम दिया गया। सुरक्षा बलों को विश्वसनीय सूत्रों से जानकारी मिली थी कि नक्सलियों ने भविष्य में किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के उद्देश्य से तोडमा के जंगलों में भारी मात्रा में युद्ध सामग्री जमीन के नीचे दबाकर रखी है। सूचना मिलते ही जवानों ने रणनीतिक घेराबंदी की और सघन तलाशी अभियान शुरू किया।
जंगल के भीतर खुदाई और तलाशी के दौरान जवानों को जो सामग्री मिली, वह चौंकाने वाली थी। बरामद जखीरे में बड़ी संख्या में इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, जिलेटिन की छड़ें और सेफ्टी फ्यूज वायर शामिल हैं, जिनका उपयोग घातक आईईडी (IED) बनाने में किया जाता है। इसके अतिरिक्त, वहां से आधुनिक हथियारों जैसे INSAS और SLR राइफलों के जिंदा कारतूस, ग्रेनेड बनाने के पुर्जे और एक भरमार राइफल भी जब्त की गई है।

हथियारों के अलावा, मौके से संचार के हाई-टेक उपकरण भी बरामद हुए हैं। इनमें वायरलेस सेट और बड़ी संख्या में बैटरियां शामिल हैं, जिनका इस्तेमाल नक्सली आपसी संपर्क बनाए रखने के लिए करते थे। साथ ही, भारी मात्रा में नक्सली साहित्य भी मिला है, जो इस बात की पुष्टि करता है कि यह इलाका नक्सलियों के लिए एक महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक हब और रणनीतिक केंद्र रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के दिनों में नक्सलियों के आत्मसमर्पण और उनके नेटवर्क के कमजोर होने के कारण अब उनके गुप्त ठिकानों की जानकारी सुरक्षा बलों तक आसानी से पहुंच रही है। इस डंप की बरामदगी से नक्सलियों की हमला करने की क्षमता को गहरा धक्का लगा है। यह कार्रवाई स्पष्ट संकेत देती है कि बस्तर के अंदरूनी इलाकों में अब सुरक्षा बलों की पकड़ मजबूत होती जा रही है और नक्सलियों के सुरक्षित ठिकाने अब सुरक्षित नहीं रहे।
सफल ऑपरेशन के बाद संयुक्त टीम के सभी जवान सुरक्षित अपने मुख्यालय लौट आए हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बरामद की गई सामग्री को कब्जे में लेकर उचित वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि यह डंप किस नक्सली कैडर द्वारा तैयार किया गया था और इसका उपयोग किन संभावित क्षेत्रों में हमले के लिए किया जाना था।

