चेन्नई के ऐतिहासिक एम. ए. चिदंबरम स्टेडियम (चेपॉक) में खेले गए आईपीएल सीजन 19 के 44वें मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) ने मुंबई इंडियंस (MI) को 8 विकेट से हराकर अपनी बादशाहत साबित की। मुंबई के कप्तान हार्दिक पांड्या ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का साहसिक फैसला लिया था, लेकिन चेन्नई के गेंदबाजों ने उनके इस फैसले को गलत साबित कर दिया। मुंबई की टीम निर्धारित 20 ओवरों में 7 विकेट खोकर केवल 159 रन ही बना सकी, जो इस पिच पर एक चुनौतीपूर्ण स्कोर नहीं माना जा रहा था।
मुंबई की पारी की शुरुआत बेहद धीमी रही। हालांकि, युवा बल्लेबाज नमन धीर ने एक छोर संभाले रखा और शानदार 57 रनों की अर्धशतकीय पारी खेली। उन्हें रयान रिकेल्टन (37) का अच्छा साथ मिला, लेकिन सूर्यकुमार यादव और कप्तान हार्दिक पांड्या जैसे दिग्गज खिलाड़ी बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे। मध्यक्रम के लड़खड़ाने के कारण मुंबई की टीम उस फिनिशिंग टच को हासिल नहीं कर पाई, जिसकी उम्मीद एक हाई-वोल्टेज मुकाबले में की जाती है।
चेन्नई की ओर से गेंदबाजी में अंशुल कंबोज सबसे सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने सटीक लाइन-लेंथ के साथ गेंदबाजी करते हुए 3 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए। स्पिन विभाग में नूर अहमद ने भी अपनी फिरकी का जादू दिखाया और 2 विकेट लेकर मुंबई की रन गति पर लगाम लगाई। रामकृष्ण घोष और जेमी ओवरटन को भी एक-एक सफलता मिली। चेन्नई के गेंदबाजों ने पावरप्ले से लेकर डेथ ओवरों तक मुंबई के बल्लेबाजों को हाथ खोलने का कोई मौका नहीं दिया।
160 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी चेन्नई सुपर किंग्स ने शुरुआत से ही मैच पर अपनी पकड़ बनाए रखी। सलामी बल्लेबाज उर्विल पटेल ने 24 रनों की तेज पारी खेलकर नींव रखी। इसके बाद कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ ने जिम्मेदारी संभाली और मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट लगाए। गायकवाड़ ने नाबाद 67 रनों की कप्तानी पारी खेलकर टीम की जीत सुनिश्चित की। उनका साथ युवा कार्तिक शर्मा ने बखूबी निभाया, जिन्होंने नाबाद 54 रन बनाकर टीम को 18.1 ओवर में ही लक्ष्य तक पहुँचा दिया।
मुंबई के गेंदबाजों के लिए यह दिन निराशाजनक रहा। जसप्रीत बुमराह और अल्लाह गजनफर को 1-1 सफलता तो मिली, लेकिन वे चेन्नई के बल्लेबाजों पर दबाव बनाने में पूरी तरह विफल रहे। लक्ष्य छोटा होने के कारण चेन्नई के बल्लेबाजों ने कोई जोखिम नहीं लिया और सूझबूझ भरी बल्लेबाजी करते हुए आसानी से रन बटोरे। इस हार ने मुंबई की गेंदबाजी की कमियों को एक बार फिर उजागर कर दिया है।
इस जीत के साथ चेन्नई सुपर किंग्स ने अंक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है और प्लेऑफ की रेस में मजबूती से बनी हुई है। वहीं, मुंबई इंडियंस के लिए यह सीजन किसी बुरे सपने जैसा साबित हो रहा है, जहाँ 9 मैचों में 7 हार के साथ उनकी प्लेऑफ की उम्मीदें लगभग समाप्त हो गई हैं। चेन्नई अब 5 मई को दिल्ली से भिड़ेगी, जबकि मुंबई 4 मई को अपने घर में लखनऊ के खिलाफ साख बचाने उतरेगी।

