छत्तीसगढ़ में इन दिनों सूरज के कड़े तेवर देखने को मिल रहे हैं, जिससे पूरा प्रदेश भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में तापमान में कोई विशेष गिरावट दर्ज नहीं की गई है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में पारा 42 डिग्री सेल्सियस के पार बना हुआ है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसर रहा है और लोग गर्मी से बचने के लिए जतन कर रहे हैं।
तापमान के आंकड़ों पर नजर डालें तो राजनांदगांव बुधवार को प्रदेश का सबसे तप्त इलाका रहा, जहाँ अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। राजधानी रायपुर भी पीछे नहीं रही, यहाँ पारा 43.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.1 डिग्री अधिक है। बिलासपुर और दुर्ग में तापमान 42.6 डिग्री रहा, जबकि उत्तर छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में भी पारा 41.1 डिग्री तक पहुँच गया है। राहत की बात केवल बस्तर संभाग से आई है, जहाँ जगदलपुर में न्यूनतम तापमान 25.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
हालांकि, इस तपती गर्मी के बीच मौसम विभाग ने राहत की खबर भी दी है। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले दो दिनों में अधिकतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की मामूली गिरावट आ सकती है। इसके बाद अगले तीन दिनों तक तापमान स्थिर रहने की संभावना है। हालांकि यह गिरावट बहुत बड़ी नहीं है, लेकिन लगातार बढ़ती गर्मी के ग्राफ पर ब्रेक लगने से लोगों को झुलसाने वाली लू से थोड़ी राहत जरूर मिल सकती है।
मौसम में इस बदलाव का मुख्य कारण वर्तमान में सक्रिय तीन प्रमुख मौसमी प्रणालियां हैं। दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर एक चक्रवाती घेरा बना हुआ है, साथ ही दो अलग-अलग द्रोणिकाएं (Trough) सक्रिय हैं जो उत्तर प्रदेश से लेकर बांग्लादेश और नागालैंड तक फैली हुई हैं। इन प्रणालियों के प्रभाव से अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी आ रही है, जो प्रदेश के मौसम का मिजाज बदलने में सहायक साबित हो रही है।
आगामी 5 दिनों के लिए मौसम विभाग ने विशेष अलर्ट जारी किया है। प्रदेश के सभी संभागों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ वज्रपात (बिजली गिरना) और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। इस दौरान स्थानीय स्तर पर हल्की वर्षा भी हो सकती है। रायपुर के स्थानीय पूर्वानुमान के अनुसार, आज 30 अप्रैल को शाम या रात के समय बादल छाए रहने और हल्की बूंदाबांदी होने के आसार हैं, जिससे रात के समय उमस से थोड़ी शांति मिल सकती है।
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि भले ही बारिश की संभावना है, लेकिन बिजली कड़कने के दौरान पेड़ों के नीचे शरण न लें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। साथ ही, दोपहर के समय पर्याप्त पानी पीकर ही घर से बाहर निकलें ताकि डिहाइड्रेशन और लू के खतरों से बचा जा सके। आने वाले कुछ दिन प्रदेश के लिए ‘गर्मी और गरज-चमक’ के मिले-जुले असर वाले रहेंगे।

