छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर सहित पूरा प्रदेश इस समय भीषण गर्मी और तपती लू की चपेट में है। रायपुर में गर्मी का यह दौर पिछले तीन सालों का रिकॉर्ड तोड़ रहा है, जहाँ लगातार 16 दिनों से अधिकतम तापमान 40°C के नीचे नहीं गिरा है। दोपहर की चिलचिलाती धूप के साथ-साथ अब रातें भी गर्म होने लगी हैं, जिससे लोगों को चौबीसों घंटे बेचैनी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि लंबे समय तक तापमान का स्थिर रहना सामान्य जनजीवन के लिए चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
राज्य के मध्य इलाकों में लू (Heat Wave) जैसे हालात अभी भी गंभीर बने हुए हैं। पिछले 24 घंटों के आंकड़ों पर गौर करें तो राजनांदगांव प्रदेश में सबसे गर्म रहा, जहाँ पारा 44.5°C तक जा पहुँचा। इसके विपरीत, उत्तर छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 24.8°C दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे कम रहा। मैदानी इलाकों में गर्म हवाओं के थपेड़ों ने लोगों का घरों से निकलना दूभर कर दिया है।
हालांकि, सोमवार को हवा की दिशा में आए बदलाव ने कुछ जिलों में मामूली राहत के संकेत दिए हैं। जांजगीर, रायगढ़ और बिलासपुर जैसे क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई, जिससे वहां के तापमान में आंशिक गिरावट आई है। वहीं, बस्तर संभाग में मौसम तुलनात्मक रूप से सामान्य बना हुआ है। रायपुर के लालपुर मौसम केंद्र के अनुसार, बादलों की आवाजाही और तेज हवाओं के कारण राजधानी के तापमान में भी करीब 2 डिग्री की कमी महसूस की गई है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 28 अप्रैल को रायपुर में आसमान मुख्य रूप से साफ रहने की संभावना है। हालांकि, दोपहर के बाद या शाम ढलते समय आंशिक रूप से बादल छा सकते हैं। विभाग ने चेतावनी दी है कि भले ही बादल दिखें, लेकिन उमस और गर्मी से तुरंत निजात मिलने की उम्मीद कम है। आज राजधानी का अधिकतम तापमान 43°C और न्यूनतम तापमान 30°C के आसपास रहने का अनुमान जताया गया है।
विशेषज्ञों ने इस भीषण गर्मी को देखते हुए नागरिकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच बेवजह बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त मात्रा में जलपान करने का सुझाव दिया गया है। फिलहाल प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में शुष्क मौसम और तेज धूप का प्रभाव जारी रहेगा, जब तक कि मानसून पूर्व की गतिविधियां सक्रिय नहीं हो जातीं।

