छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति छात्रों में दिलचस्पी जगाने के लिए एक अनूठी पहल की शुरुआत हुई है। “स्पेस ऑन व्हील्स” कार्यक्रम के तहत भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की एक अत्याधुनिक प्रदर्शनी बस जशपुर पहुँची है। रणजीता स्टेडियम में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस मोबाइल प्रदर्शनी का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने बस के भीतर प्रदर्शित रॉकेट, उपग्रहों और विभिन्न अंतरिक्ष मिशनों के मॉडलों को गहराई से देखा और इस नवाचार की सराहना की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री का एक अलग और आत्मीय रूप देखने को मिला, जब उन्होंने स्कूली बच्चों के साथ जमीन से जुड़कर संवाद किया। शासकीय महारानी लक्ष्मी बाई उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की छात्राओं—अंशु पासवान, भूमिका डाहरे और सारिका साहनी—ने मुख्यमंत्री को चंद्रयान और मंगलयान की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से बताया। इन ग्रामीण अंचल की बेटियों के आत्मविश्वास और उनकी तकनीकी समझ को देखकर मुख्यमंत्री अत्यंत प्रभावित हुए और उन्होंने उज्जवल भविष्य के लिए उनका उत्साहवर्धन किया।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि “स्पेस ऑन व्हील्स” जैसे कार्यक्रम विशेष रूप से दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए मील का पत्थर साबित होंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज के युग में विज्ञान और तकनीक ही किसी भी समाज के विकास की आधारशिला है। मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप, यह पहल “अन्वेषण” कार्यक्रम के अंतर्गत विज्ञान भारती के सहयोग से चलाई जा रही है, ताकि जशपुर के बच्चों में जिज्ञासा, नवाचार और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को मजबूत किया जा सके।
जशपुर के सभी विकासखंडों में भ्रमण कर रही यह विशेष प्रदर्शनी बस 7 अप्रैल से अपने अभियान पर है और 14 दिनों तक निरंतर जारी रहेगी। प्रतिदिन सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक यह बस अलग-अलग विद्यालयों में पहुँच रही है। इस अभियान का मुख्य लक्ष्य जिले के 10 हजार से अधिक विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान की जटिलताओं से रूबरू कराना है, जिससे उन्हें वह अनुभव मिल सके जो आमतौर पर केवल बड़े शहरों के इसरो केंद्रों में ही संभव होता है।
इसरो की इस अत्याधुनिक प्रदर्शनी में पीएसएलवी (PSLV), जीएसएलवी (GSLV), रिमोट सेंसिंग और कम्युनिकेशन सैटेलाइट के लाइव मॉडल्स रखे गए हैं। विद्यार्थियों को केवल मॉडल ही नहीं दिखाए जा रहे, बल्कि ऑडियो-विजुअल माध्यमों और इंटरएक्टिव पैनल के जरिए अंतरिक्ष विज्ञान के सिद्धांतों को सरल भाषा में समझाया जा रहा है। विशेषज्ञों और भौतिकी के व्याख्याताओं की टीम बच्चों के हर सवाल का जवाब देकर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान कर रही है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने उन 17 मेधावी बच्चों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया, जो जिले के विभिन्न स्कूलों में विज्ञान दूत के रूप में जानकारी साझा कर रहे हैं। साथ ही, बच्चों को “द मैजिक ऑफ नाइट स्काई” नामक पुस्तिका भी वितरित की गई, ताकि वे खगोल विज्ञान के बारे में और अधिक पढ़ सकें। इस दौरान स्थानीय विधायक, जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में शिक्षक व अभिभावक भी उपस्थित थे।
इस अभियान का व्यापक उद्देश्य युवाओं को स्टेम (STEM – विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रेरित करना है। राज्य सरकार का मानना है कि जब बच्चे अपनी आँखों से इन तकनीकों को देखते हैं, तो उनमें वैज्ञानिक बनने का सपना जन्म लेता है। यह कार्यक्रम उन सीमाओं को तोड़ रहा है जो भौगोलिक दूरियों के कारण ग्रामीण छात्रों के सामने अक्सर आ जाती हैं।
अंततः, जशपुर में “स्पेस ऑन व्हील्स” का यह सफल आयोजन जिले को विज्ञान के क्षेत्र में एक नई पहचान दिलाने की ओर अग्रसर है। यह न केवल वर्तमान शिक्षा प्रणाली को मजबूती दे रहा है, बल्कि आने वाली पीढ़ी को ब्रह्मांड के रहस्यों को सुलझाने और आधुनिक तकनीक के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने के लिए तैयार कर रहा है।

