छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए साड़ी खरीदी में हुए कथित भ्रष्टाचार को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। अंबिकापुर के मुख्य घड़ी चौक पर महिला कांग्रेस ने प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उनका पुतला दहन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि विभाग ने करीब 1.94 लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए साड़ियों की जो खरीदी की है, उसमें लगभग 9.7 करोड़ रुपये का बड़ा घोटाला हुआ है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस दौरान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि खादी ग्रामोद्योग विभाग के माध्यम से सप्लाई की गई साड़ियों की गुणवत्ता बेहद खराब है। आरोप है कि नियमों के मुताबिक साड़ियों की लंबाई 5.5 से 6.3 मीटर होनी चाहिए थी, लेकिन मौके पर कार्यकर्ताओं को जो साड़ियां मिली हैं, वे मात्र 5 मीटर की हैं। महिला कांग्रेस ने इसे सीधे तौर पर कार्यकर्ताओं के अधिकारों का हनन बताया है। प्रदर्शनकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि साड़ियों की घटिया गुणवत्ता के कारण उन्हें पहनना भी मुश्किल हो रहा है।
भ्रष्टाचार के दावों को पुख्ता करते हुए महिला कांग्रेस ने कीमतों में बड़े अंतर का मुद्दा उठाया। उनका कहना है कि जो साड़ियां खुले बाजार में 200 से 250 रुपये की दर पर आसानी से उपलब्ध हैं, उन्हें विभाग ने 500 रुपये की ऊंची दर पर खरीदा है। इस प्रकार प्रति साड़ी दोगुनी कीमत दिखाकर सरकारी खजाने का दुरुपयोग किया गया है। कांग्रेस का आरोप है कि यह पूरी प्रक्रिया केवल चहेते विक्रेताओं को लाभ पहुंचाने के लिए की गई है, जिससे सीधे तौर पर करोड़ों रुपये की हेराफेरी हुई है।
महिला कांग्रेस की शहर अध्यक्ष सीमा सोनी ने मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सप्लाई की गई साड़ियां इतनी छोटी हैं कि उनका पल्लू तक पूरा नहीं आता, जो कि महिला कर्मचारियों के सम्मान के साथ खिलवाड़ है। सोनी ने आगे कहा कि मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े लगातार घोटालों के आरोपों से घिरी हुई हैं, ऐसे में मुख्यमंत्री द्वारा उन्हें अब तक पद पर बनाए रखना प्रदेश के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक इस मामले में जवाबदेही तय नहीं होती, उनका विरोध जारी रहेगा।
इस विरोध प्रदर्शन के माध्यम से कांग्रेस ने सरकार को घेरते हुए यह संदेश देने की कोशिश की है कि वे भ्रष्टाचार के मुद्दों पर पीछे नहीं हटेंगे। पुतला दहन के दौरान भारी संख्या में महिला कार्यकर्ता मौजूद रहीं, जिन्होंने विभाग और सरकार के खिलाफ कड़ा रोष प्रकट किया। अब देखना यह होगा कि इन गंभीर आरोपों पर राज्य सरकार और विभाग की ओर से क्या स्पष्टीकरण आता है और क्या इस मामले की कोई आधिकारिक जांच शुरू की जाती है।

