छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी का दौर शुरू हो चुका है, जिससे जनजीवन काफी प्रभावित हो रहा है। उत्तर-पश्चिम से आने वाली गर्म और शुष्क हवाओं ने राज्य के मध्य इलाकों में अपना दबदबा बनाना शुरू कर दिया है। स्थिति यह है कि रायपुर और दुर्ग संभाग में पारा लगातार ऊपर चढ़ रहा है, जिससे लोग अभी से ही बिना कूलर और एसी के रहने में असमर्थ महसूस कर रहे हैं।
तापमान के आंकड़ों पर गौर करें तो अब तक रायपुर सबसे गर्म शहर बना हुआ था, लेकिन सोमवार को राजनांदगांव ने गर्मी के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। राजनांदगांव में अधिकतम तापमान दर्ज किया गया, जो फिलहाल प्रदेश में सर्वाधिक है। वहीं दूसरी ओर, अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान रहा, जो राज्य में सबसे कम है। यह क्षेत्रीय विविधता छत्तीसगढ़ के अलग-अलग हिस्सों में मौसम के अलग-अलग मिजाज को दर्शाती है।
मौसम विशेषज्ञ एचपी चंद्रा के अनुसार, वायुमंडल में कई मौसमी प्रणालियां सक्रिय हैं। एक चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण बिहार के पास स्थित है, जबकि एक उत्तर-दक्षिण द्रोणिका बिहार से लेकर तमिलनाडु तक छत्तीसगढ़ के रास्ते फैली हुई है। इन भौगोलिक परिस्थितियों और उत्तर-पश्चिम से आ रही शुष्क हवाओं के कारण ही प्रदेश में गर्मी की तीव्रता इतनी अधिक बनी हुई है।
आने वाले दिनों की बात करें तो राहत के आसार कम ही नजर आ रहे हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले दो दिनों में अधिकतम तापमान में तक की और वृद्धि हो सकती है। खास तौर पर 15 अप्रैल से छत्तीसगढ़ के मध्य भाग में लू (Heat Wave) चलने की संभावना जताई गई है। बस्तर संभाग को छोड़कर राज्य के अन्य हिस्सों में सूर्य के तेवर और कड़े होने की उम्मीद है।
राजधानी रायपुर के निवासियों के लिए आज का दिन काफी तपिश भरा रहने वाला है। आसमान साफ रहेगा, जिससे सूरज की किरणें सीधे धरती पर आएंगी और अधिकतम तापमान तक पहुंच सकता है। रात के समय भी न्यूनतम तापमान के आसपास रहने की संभावना है, जिसका अर्थ है कि अब रातें भी उतनी सुकून भरी नहीं रहेंगी। प्रशासन और विशेषज्ञों ने दोपहर के समय धूप में निकलने से बचने की सलाह दी है।

