उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा और नोएडा फेज-2 के औद्योगिक क्षेत्र में पिछले चार दिनों से चल रहा श्रमिकों का आंदोलन सोमवार को बेहद हिंसक हो गया। वेतन वृद्धि और अन्य सुविधाओं की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे कर्मचारी इतने उग्र हो गए कि उन्होंने कानून-व्यवस्था को हाथ में लेते हुए जमकर तोड़फोड़ की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने न केवल कंपनियों की खिड़कियां और फर्नीचर तोड़े, बल्कि सड़क पर खड़ी कई गाड़ियों को भी निशाना बनाया और एक कार को आग के हवाले कर दिया, जिससे पूरे इलाके में काले धुएं का गुबार और अफरा-तफरी फैल गई।
यह विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से ऋचा ग्लोबल, रेनबो, पैरामाउंट और एसएनडी जैसी लगभग छह से अधिक बड़ी होजरी कंपनियों के हजारों कर्मचारियों द्वारा किया जा रहा है। कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें मिल रहा वेतन महंगाई के दौर में बेहद कम है और वे लंबे समय से इसे बढ़ाने की मांग कर रहे थे। सोमवार को जब मैनेजमेंट के साथ बातचीत का कोई ठोस नतीजा नहीं निकला, तो प्रदर्शनकारियों का सब्र टूट गया और उन्होंने पत्थरबाजी शुरू कर दी, जिससे औद्योगिक परिसर के अंदर और बाहर काफी संपत्ति का नुकसान हुआ है।

हिंसा की खबर मिलते ही घटनास्थल पर भारी पुलिस बल और पीएसी (PAC) की तैनाती कर दी गई। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रदर्शनकारियों पर हल्का बल प्रयोग किया और भीड़ को तितर-बितर करने की कोशिश की। पत्थरबाजी की इस घटना में कुछ पुलिसकर्मियों और राहगीरों को चोटें आने की भी खबर है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उन लोगों की पहचान की जा रही है जिन्होंने आगजनी और तोड़फोड़ की है, और उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस हंगामे के कारण नोएडा फेज-2 और आसपास के रास्तों पर घंटों तक यातायात बाधित रहा, जिससे ऑफिस जाने वाले लोगों और स्थानीय निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। फिलहाल कंपनियों के बाहर भारी सुरक्षा घेरा बना हुआ है और तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। प्रशासन अब कंपनी प्रबंधन और श्रमिक संगठनों के बीच मध्यस्थता कराने की कोशिश कर रहा है ताकि वेतन के मुद्दे का शांतिपूर्ण समाधान निकाला जा सके और औद्योगिक गतिविधियों को दोबारा सुचारू रूप से शुरू किया जा सके।

