छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी का प्रकोप शुरू हो चुका है और सूरज के तीखे तेवरों ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। प्रदेश की राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है, जिससे दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगा है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, रविवार का दिन इस सीजन के सबसे गर्म दिनों में से एक रहा, जहां रायपुर में पारा 41 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा।
रायपुर के अलावा बिलासपुर और राजनांदगांव जैसे प्रमुख शहरों में भी गर्मी का ‘टॉर्चर’ जारी है। इन क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जिसके कारण लोग उमस और लू जैसी स्थिति का सामना कर रहे हैं। हालांकि, उत्तर छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में रात के समय थोड़ी राहत है, जहां न्यूनतम तापमान 16.5 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान में प्रदेश में मौसम पूरी तरह शुष्क है। पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य में कहीं भी वर्षा दर्ज नहीं की गई है। उत्तर-पश्चिम दिशा से आ रही गर्म और शुष्क हवाओं ने मैदानी इलाकों में तपिश बढ़ा दी है। एक द्रोणिका (trough) उत्तर-पश्चिम बिहार से मणिपुर तक फैली हुई है, लेकिन इसका छत्तीसगढ़ के तापमान को कम करने में कोई विशेष प्रभाव नहीं दिख रहा है।
आने वाले दिनों के लिए मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि 15 अप्रैल से प्रदेश के मध्य हिस्से में ‘हीट वेव’ यानी लू चलने के आसार हैं। रायपुर और आसपास के जिलों में तापमान में अभी और बढ़ोतरी होने की संभावना है। शुष्क हवाओं के प्रभाव से वातावरण में नमी कम हो गई है, जिससे धूप की तपिश और अधिक चुभने वाली महसूस हो रही है।
राजधानी रायपुर के लिए विशेष पूर्वानुमान में बताया गया है कि सोमवार को आसमान मुख्य रूप से साफ रहेगा। दिन का अधिकतम तापमान 41 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय सीधे धूप के संपर्क में आने से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी है।
कुल मिलाकर, छत्तीसगढ़ के लोगों को आने वाले एक हफ्ते तक गर्मी से राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है। लू की स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग भी सतर्क है और लोगों से सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। बढ़ते तापमान का असर अब बिजली की खपत और पेयजल की मांग पर भी दिखने लगा है।

