यह समाचार दिल्ली और एनसीआर के यात्रियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के पहले चरण के शुरू होने के साथ ही, नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कड़े नियम लागू कर दिए हैं। विशेष रूप से गीता कॉलोनी से बागपत (खेकड़ा) तक के 31 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड सेक्शन पर अब दोपहिया और तिपहिया वाहनों समेत कम गति वाले वाहनों के प्रवेश को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है।
प्रशासन का यह फैसला एक्सप्रेसवे पर होने वाली दुर्घटनाओं के बढ़ते ग्राफ को देखते हुए लिया गया है। पिछले कुछ महीनों में इस मार्ग पर स्टंटबाजी और तेज रफ्तार के कारण कई गंभीर हादसे हुए हैं, जिनमें युवाओं को अपनी जान गंवानी पड़ी। अधिकारियों का मानना है कि मोटरसाइकिल, ऑटो-रिक्शा और ट्रैक्टर जैसे वाहन इस हाई-स्पीड कॉरिडोर के लिए उपयुक्त नहीं हैं, क्योंकि इनकी गति सीमा एक्सप्रेसवे के डिजाइन किए गए ट्रैफिक फ्लो से मेल नहीं खाती।
NHAI ने स्पष्ट किया है कि यह एक्सप्रेसवे 100 किमी/घंटा की रफ्तार के हिसाब से बनाया गया है। जब धीमी गति वाले वाहन तेज रफ्तार वाली कारों और बसों के बीच आते हैं, तो न केवल ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती है, बल्कि पीछे से टक्कर होने की संभावना भी काफी बढ़ जाती है। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ही इस एलिवेटेड हिस्से को केवल चार पहिया या उससे बड़े वाहनों के लिए आरक्षित रखने का निर्णय लिया गया है।
नियमों का उल्लंघन करने वालों के लिए प्रशासन ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। यदि कोई प्रतिबंधित वाहन इस मार्ग पर पाया जाता है, तो उस पर यातायात नियमों के तहत भारी जुर्माना लगाया जाएगा। खबरों के अनुसार, यह चालान 20,000 रुपये तक का हो सकता है। दिल्ली पुलिस और यातायात विभाग ने एक्सप्रेसवे के प्रवेश द्वारों पर चौकसी बढ़ा दी है ताकि किसी भी अनधिकृत वाहन को ऊपर चढ़ने से रोका जा सके।
यह एलिवेटेड सेक्शन अक्षरधाम से शुरू होकर शास्त्री पार्क, खजूरी चौक और लोनी बॉर्डर जैसे व्यस्त इलाकों के ऊपर से गुजरता है। इस 26 से 31 किलोमीटर के हिस्से में अब केवल उन्हीं वाहनों को अनुमति मिलेगी जो निर्धारित गति बनाए रख सकें। हालांकि एक्सप्रेसवे की क्षमता अधिक है, लेकिन दिल्ली के शहरी क्षेत्र में सुरक्षा को देखते हुए गति सीमा को 70 किमी/घंटा तक सीमित करने पर भी विचार किया जा रहा है ताकि हादसों को शून्य पर लाया जा सके।
अंततः, इस बदलाव का उद्देश्य दिल्ली से देहरादून की यात्रा को न केवल तेज बनाना है, बल्कि उसे सुरक्षित और बाधा रहित भी रखना है। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले नए दिशानिर्देशों का पालन करें और यदि वे दोपहिया या तिपहिया वाहन का उपयोग कर रहे हैं, तो वैकल्पिक रास्तों या सर्विस रोड का ही चयन करें ताकि किसी भी कानूनी कार्रवाई या दुर्घटना से बचा जा सके।

