छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के हृदय स्थल घड़ी चौक के पास स्थित अंबेडकर चौक पर 14 अप्रैल को एक ऐतिहासिक उत्सव देखने को मिलेगा। भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बाबा साहेब की 21 फीट ऊंची विशाल कांस्य प्रतिमा का अनावरण करेंगे। यह प्रतिमा न केवल शहर की नई पहचान बनेगी, बल्कि संविधान निर्माता के प्रति राज्य सरकार और जनता के गहरे सम्मान को भी प्रदर्शित करेगी।
शिल्पकला का अद्भुत नमूना मानी जा रही इस प्रतिमा को बनाने में उच्च गुणवत्ता वाले कांस्य का उपयोग किया गया है। इसका कुल वजन 4300 किलोग्राम है और इसे लगभग 35 लाख रुपए की लागत से तैयार किया गया है। प्रतिमा की भव्यता और इसकी बारीकियां बाबा साहेब के व्यक्तित्व की गरिमा को बखूबी दर्शाती हैं, जिसे देखने के लिए अंबेडकर चौक पर विशेष साज-सज्जा भी की जा रही है।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य बाबा साहेब के क्रांतिकारी विचारों और उनके द्वारा दिए गए ‘शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो’ के संदेश को जन-जन तक पहुँचाना है। राज्य सरकार का मानना है कि यह प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और उन्हें सामाजिक समरसता, न्याय और समानता के पथ पर चलने के लिए प्रोत्साहित करेगी। यह स्थान अब रायपुर में वैचारिक चेतना के एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरेगा।
अंबेडकर चौक के इस प्रोजेक्ट के अलावा, छत्तीसगढ़ सरकार बाबा साहेब के सम्मान में एक और बड़ी योजना पर काम कर रही है। जानकारी के अनुसार, नवा रायपुर स्थित विधानसभा परिसर में डॉ. अंबेडकर की एक और भव्य प्रतिमा स्थापित करने की तैयारी है, जिसकी ऊंचाई 25 फीट से भी अधिक होगी। लोकतंत्र के मंदिर (विधानसभा) में संविधान निर्माता की यह प्रतिमा राज्य की लोकतांत्रिक जड़ों को और मजबूती देने का प्रतीक मानी जा रही है।
14 अप्रैल को होने वाले इस अनावरण समारोह की तैयारियां जोरों पर हैं। मुख्यमंत्री के साथ शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी इस गौरवपूर्ण क्षण के साक्षी बनेंगे। यह आयोजन रायपुर के लिए गौरव का विषय है, जो आधुनिक भारत के निर्माता के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का एक माध्यम बनेगा।

