आसनसोल: पश्चिम बंगाल के आसनसोल स्थित पोलो मैदान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विशाल जनसभा के दौरान एक अप्रिय घटना सामने आई है। जहाँ एक ओर हजारों की संख्या में लोग अपने नेता को सुनने के लिए उत्साहित होकर उमड़े थे, वहीं दूसरी ओर अपराधियों ने इस भीड़ का भरपूर फायदा उठाया। जानकारी के अनुसार, सभा के दौरान करीब 350 से अधिक लोगों के मोबाइल फोन और पर्स चोरी होने की घटनाएं हुईं, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और पीड़ितों में भारी रोष देखा गया।
प्रत्यक्षदर्शियों और पीड़ितों के अनुसार, जैसे-जैसे मैदान में भीड़ का दबाव बढ़ता गया, वैसे-वैसे जेबकतरों के संगठित गिरोह सक्रिय होते गए। स्थानीय लोगों का मानना है कि कई अंतरराज्यीय गिरोह इस भीड़ में पहले से ही पैठ बनाए हुए थे। जैसे ही प्रधानमंत्री का संबोधन शुरू हुआ और लोगों का ध्यान मंच की ओर गया, इन बदमाशों ने मौका पाकर लोगों की जेबें साफ करना शुरू कर दिया। सभा समाप्त होने के बाद जब लोग घर लौटने लगे, तब उन्हें अपनी कीमती वस्तुओं के गायब होने का एहसास हुआ।
घटना के दौरान कुछ सतर्क नागरिकों ने बहादुरी दिखाते हुए संदिग्ध व्यक्तियों को रंगे हाथ पकड़ लिया। पकड़े गए आरोपियों की मौके पर ही धुनाई की गई और फिर उन्हें तुरंत हीरापुर थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया। हालांकि, गिरफ्तार किए गए आरोपियों की संख्या चोरी की वारदातों के मुकाबले बेहद कम है। माना जा रहा है कि गिरोह के अधिकांश सदस्य पुलिस की पकड़ से बचने के लिए भीड़ के बीच से ही रफूचक्कर होने में सफल रहे।
चोरी के शिकार हुए लोग जब शिकायत दर्ज कराने हीरापुर थाना पहुंचे, तो वहां भी उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। पीड़ितों ने आरोप लगाया कि पुलिस शुरुआत में मामला दर्ज करने में आनाकानी कर रही थी और काफी देर तक उन्हें इंतजार कराया गया। पुलिस के इस कथित टालमटोल रवैये के कारण थाने के बाहर पीड़ितों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों का कहना था कि एक तरफ उनका आर्थिक नुकसान हुआ है और दूसरी तरफ प्रशासन सहयोग करने के बजाय टालमटोल कर रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए भाजपा उम्मीदवार अग्निमित्रा पाल अपने समर्थकों के साथ थाने पहुंचीं। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से तीखी बहस की और मांग की कि हर एक पीड़ित की एफआईआर तुरंत दर्ज की जाए। अग्निमित्रा पाल ने प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जैसे हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए थे, लेकिन पुलिस आम जनता की सुरक्षा करने में पूरी तरह विफल रही है। उनके हस्तक्षेप के बाद ही पुलिस ने औपचारिक रूप से शिकायतें लेना शुरू किया।
फिलहाल, पुलिस प्रशासन का कहना है कि वे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहे हैं और पकड़े गए संदिग्धों से पूछताछ जारी है। इस घटना ने इतने बड़े स्तर के आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि प्रधानमंत्री की सभा जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर प्रशासन को और अधिक सतर्क रहना चाहिए था ताकि अपराधियों के हौसले इतने बुलंद न होते।

