दिल्ली के गुरु अर्जुन नगर इलाके से ठगी के एक बड़े साम्राज्य का अंत हुआ है। दिल्ली पुलिस ने एक सुनियोजित छापेमारी के दौरान एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ करते हुए 12 लोगों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह ‘आरडी सर्विसेज़’ (RD Services) के नाम पर देशभर के वाहन मालिकों को अपना निशाना बना रहा था। पुलिस को लंबे समय से इस इलाके में संदिग्ध गतिविधियों और धोखाधड़ी की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद तकनीकी निगरानी (Technical Surveillance) के आधार पर इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
ठगी का यह तरीका बेहद शातिर था। आरोपी खुद को एक प्रोफेशनल कंपनी का प्रतिनिधि बताकर लोगों को ‘रोडसाइड असिस्टेंस’ (RSA) पॉलिसी बेचते थे। वे दावा करते थे कि अगर रास्ते में आपकी गाड़ी खराब होती है या कोई तकनीकी खराबी आती है, तो कंपनी तुरंत मदद पहुंचाएगी। इस भरोसे के बदले वे ग्राहकों से ₹3000 से ₹4000 तक वसूलते थे। झांसे को सच दिखाने के लिए आरोपियों ने बाकायदा प्लास्टिक के फर्जी पॉलिसी कार्ड भी छपवा रखे थे, जिन्हें पैसे मिलने के बाद ग्राहकों के पते पर कुरियर कर दिया जाता था।
इस पूरे गोरखधंधे की पोल तब खुलती थी जब किसी ग्राहक को वास्तव में मदद की जरूरत पड़ती थी। ठगी का शिकार हुए लोगों ने बताया कि जब वे पॉलिसी कार्ड पर दिए गए हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करते थे, तो वह या तो बंद मिलता था या जानबूझकर उठाया नहीं जाता था। जांच में सामने आया है कि यह गिरोह पिछले 6 महीनों से सक्रिय था और इन्होंने न केवल दिल्ली, बल्कि देश के विभिन्न राज्यों के सैकड़ों लोगों को चूना लगाया है। पुलिस को मौके से भारी मात्रा में ग्राहकों का डेटा, कंप्यूटर सिस्टम और मोबाइल फोन मिले हैं।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब इस गिरोह के बैंक खातों और डेटा के स्रोत की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनके पास वाहन मालिकों की निजी जानकारी कहाँ से आई। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल पर मिलने वाले लुभावने ऑफर्स या इंश्योरेंस पॉलिसी को खरीदने से पहले कंपनी की प्रामाणिकता की जांच जरूर करें। इस मामले में पुलिस अन्य संभावित साथियों की तलाश में भी छापेमारी कर रही है ताकि इस नेटवर्क की पूरी जड़ तक पहुंचा जा सके।

