छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी के बीच मौसम ने एक बार फिर करवट बदली है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, आज प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की प्रबल संभावना है। विशेष रूप से उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के एक-दो स्थानों पर तेज अंधड़ चलने, आकाशीय बिजली गिरने और ओलावृष्टि को लेकर ‘येलो अलर्ट’ जैसी स्थिति बनी हुई है। मौसम में आया यह अचानक बदलाव प्रदेशवासियों को चुभती गर्मी से राहत तो देगा, लेकिन ओलावृष्टि और तेज हवाओं के कारण फसलों और जनजीवन को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
राजधानी रायपुर की बात करें तो यहाँ आज दिन भर आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की उम्मीद है। विभाग का कहना है कि शाम या रात के वक्त मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। रायपुर में आज अधिकतम तापमान 38∘C और न्यूनतम तापमान 25∘C के आसपास रहने का अनुमान है। हालांकि बादलों की आवाजाही से धूप का प्रभाव कम रहेगा, लेकिन बारिश से पहले उमस महसूस की जा सकती है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस बदलाव के पीछे दो प्रमुख मौसमी प्रणालियाँ सक्रिय हैं। पहली द्रोणिका उत्तर मध्य प्रदेश से लेकर उत्तरी विदर्भ तक समुद्र तल से 0.9 किमी की ऊँचाई पर स्थित है। वहीं, दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश और यानम के ऊपर एक ऊपरी-वायु चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इन प्रणालियों के प्रभाव से अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी आ रही है, जो प्रदेश में वर्षा और गरज-चमक की स्थिति पैदा कर रही है।
आने वाले पांच दिनों तक प्रदेश के मौसम में यह अस्थिरता बनी रहेगी। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि अगले 48 से 72 घंटों के भीतर प्रदेश के अधिकतम तापमान में 2∘C से 3∘C तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे लू जैसी स्थितियों से राहत मिलेगी। शनिवार को ओलावृष्टि की अधिक संभावना जताई गई है। पिछले 24 घंटों में राजनांदगांव 40∘C के साथ सबसे गर्म स्थान रहा, जबकि कई जिलों में हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई है।
प्रशासन और मौसम विभाग ने नागरिकों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। विशेष रूप से अंधड़ और बिजली गिरने की स्थिति में पेड़ों के नीचे या कच्चे निर्माणों के पास न रुकने की सलाह दी गई है। किसानों को भी मशवरा दिया गया है कि वे कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर ढक कर रखें ताकि ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश से नुकसान को कम किया जा सके।

