अभाविप ने दो टूक शब्दों में कहा है कि एक शिक्षक द्वारा मर्यादाओं को ताक पर रखकर नकल कराना प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर गहरा कलंक है। परिषद के पदाधिकारियों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं न केवल शिक्षा की गुणवत्ता को गिराती हैं, बल्कि उन ईमानदार छात्रों के मनोबल को भी तोड़ती हैं जो दिन-रात मेहनत कर परीक्षा की तैयारी करते हैं। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि आरोपी शिक्षिका को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त किया जाए और मामले की न्यायिक जांच कराई जाए।
प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन में अभाविप ने मांग की है कि संबंधित केंद्र की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच किसी अन्य विकासखंड के निष्पक्ष शिक्षकों से कराई जाए ताकि परिणामों की शुचिता बनी रहे। इसके अलावा, परिषद ने भविष्य में सभी संवेदनशील केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने और उड़नदस्तों द्वारा औचक निरीक्षण की अनिवार्यता पर जोर दिया है। अभाविप ने साफ किया है कि यदि परीक्षा केंद्र अध्यक्ष और पर्यवेक्षकों पर जवाबदेही तय नहीं की गई, तो यह आंदोलन और भी उग्र रूप लेगा।
रायपुर मंत्री सुजल गुप्ता ने इस दौरान सरकार को भी आड़े हाथों लिया और कहा कि 12वीं के पेपर लीक के बाद अब 5वीं बोर्ड में इस तरह की धांधली बताती है कि प्रशासन का नियंत्रण खत्म हो चुका है। अभाविप ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही ठोस दंडात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो वे पूरे जिले में चक्का जाम और तालाबंदी जैसे चरणबद्ध आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। जिला शिक्षा अधिकारी ने वीडियो साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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