नई दिल्ली: आज यानी 31 मार्च 2026 को वर्तमान वित्तीय वर्ष (2025-26) का अंतिम दिन है। मध्यम वर्ग से लेकर बड़े कारोबारियों तक, हर किसी के लिए आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण है। अगर आप अपनी वित्तीय सेहत को दुरुस्त रखना चाहते हैं और सरकार को भारी ब्याज या पेनल्टी देने से बचना चाहते हैं, तो कुछ जरूरी काम आज रात 12 बजे से पहले निपटाना अनिवार्य है। थोड़ी सी भी देरी आपके बजट को बिगाड़ सकती है और आपको टैक्स विभाग के नोटिस का सामना करना पड़ सकता है।
सबसे पहले अपनी टैक्स देनदारी का आकलन करना जरूरी है। नियम के अनुसार, यदि आपकी कुल अनुमानित टैक्स लायबिलिटी ₹10,000 से अधिक है, तो आपको एडवांस टैक्स (अग्रिम कर) जमा करना होता है। कई करदाता इसे साल के अंत तक टाल देते हैं, लेकिन आज इसकी आखिरी समय सीमा है। यदि आपने अब तक बकाया टैक्स जमा नहीं किया है, तो आयकर अधिनियम की धारा 234B और 234C के तहत आपको प्रतिमाह ब्याज का भुगतान करना पड़ सकता है। इसलिए, तुरंत अपनी गणना करें और किसी भी बकाया राशि को ऑनलाइन पोर्टल के जरिए जमा कर दें।
पुरानी टैक्स रिजीम (Old Tax Regime) चुनने वाले करदाताओं के लिए आज टैक्स बचाने का ‘अंतिम मौका’ है। आयकर की धारा 80C के तहत मिलने वाली ₹1.5 लाख तक की छूट का लाभ लेने के लिए आज ही निवेश करना होगा। आप पीपीएफ (PPF), ईएलएसएस (ELSS), लाइफ इंश्योरेंस या टैक्स सेविंग एफडी में पैसा डाल सकते हैं। इसके अलावा, नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) में ₹50,000 का अतिरिक्त निवेश और हेल्थ इंश्योरेंस के प्रीमियम का भुगतान करके आप अपनी टैक्स योग्य आय को काफी कम कर सकते हैं। याद रखें, कल से किया गया कोई भी निवेश अगले वित्तीय वर्ष में गिना जाएगा।
निवेश के साथ-साथ सरकारी खातों को सक्रिय रखना भी एक बड़ी जिम्मेदारी है। यदि आपके पास पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) या एनपीएस (NPS) खाता है, तो सुनिश्चित करें कि आपने इस साल की न्यूनतम अनिवार्य राशि (जैसे ₹250 या ₹500) जमा कर दी है। यदि यह राशि जमा नहीं होती है, तो आपका खाता ‘फ्रीज’ हो सकता है। इसे दोबारा चालू करवाने के लिए न केवल आपको पेनल्टी देनी होगी, बल्कि बैंक और पोस्ट ऑफिस के चक्कर भी काटने पड़ सकते हैं, जो एक लंबी और थकाऊ प्रक्रिया है।
कारोबारियों के लिए इस बार एमएसएमई (MSME) भुगतान का मुद्दा सबसे अहम है। आयकर कानून के नए प्रावधानों के तहत, सूक्ष्म और लघु उद्योगों से लिए गए सामान या सेवाओं का भुगतान तय समय सीमा (अधिकतम 45 दिन) के भीतर करना अनिवार्य है। यदि आप आज 31 मार्च तक इनका बकाया भुगतान नहीं करते हैं, तो उस खर्च पर आप टैक्स छूट का दावा नहीं कर पाएंगे। इसका सीधा असर आपके बिजनेस प्रॉफिट और टैक्स लायबिलिटी पर पड़ेगा। अतः आज ही अपने सभी वेंडर्स और सप्लायर्स के बिलों का मिलान कर भुगतान सुनिश्चित करें।
अंत में, शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो की ‘टैक्स हार्वेस्टिंग’ पर ध्यान देना चाहिए। यदि आपको इस साल शेयरों से काफी मुनाफा हुआ है, तो आप अपने पुराने घाटे (Loss) को उस मुनाफे (Profit) के साथ एडजस्ट करके कैपिटल गेन टैक्स बचा सकते हैं। निवेश के जानकारों का मानना है कि इस रणनीति से करदाता अपनी टैक्स देनदारी को काफी कम कर सकते हैं। बैंकिंग ट्रांजेक्शन और ऑनलाइन पोर्टल्स पर आज भारी लोड रह सकता है, इसलिए बेहतर यही है कि आप इन सभी कामों को शाम होने से पहले ही पूरा कर लें।

