छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में चिटफंड कंपनी यश ड्रीम के शिकार हुए हजारों निवेशकों के लिए राहत भरी खबर सामने आ रही है। जिला प्रशासन ने अब दूसरे चरण की तैयारी शुरू कर दी है, जिसके तहत करीब ढाई हजार (2,500) निवेशकों को उनकी डूबी हुई रकम वापस लौटाई जाएगी। वर्तमान में प्रशासन इन निवेशकों की सूची तैयार कर उनके द्वारा प्रस्तुत किए गए दावों और प्रमाणित दस्तावेजों का बारीकी से सत्यापन कर रहा है। हालांकि, प्रति निवेशक कितनी राशि दी जाएगी, इसका अंतिम निर्णय दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद ही लिया जाएगा।
प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, यह इस कंपनी के पीड़ितों को राहत देने का दूसरा बड़ा प्रयास है। इससे पहले पहली किस्त के रूप में 4,500 निवेशकों को लगभग 7 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। गौरतलब है कि पहली किस्त मिलने में निवेशकों को करीब ढाई साल का लंबा इंतजार करना पड़ा था। यश ड्रीम कंपनी में कुल निवेशकों की संख्या लगभग 14,000 बताई जा रही है, जो लंबे समय से अपनी मेहनत की गाढ़ी कमाई वापस पाने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
पैसे की उपलब्धता के संबंध में जानकारी मिली है कि कंपनी की विभिन्न चल-अचल संपत्तियों को नीलाम करने के बाद अब तक शासन के खाते में करीब 20 करोड़ रुपये जमा हो चुके हैं। एसडीएम उत्तम ध्रुव ने पुष्टि की है कि निवेशकों की सूची तैयार है और जैसे ही दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होगी, सीधे उनके बैंक खातों में पैसा हस्तांतरित करने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। प्रशासन का लक्ष्य पारदर्शिता के साथ पात्र व्यक्तियों तक उनकी राशि पहुंचाना है।
दूसरी ओर, कंपनी की शेष संपत्तियों को बेचने में प्रशासन को कुछ चुनौतियों का सामना भी करना पड़ रहा है। यश ड्रीम कंपनी की वह जमीन, जो मोक्षित कापर्पोरेशन के पास थी, उसे फिर से नीलाम करने की प्रक्रिया चल रही है। कई बार विज्ञापन जारी करने के बावजूद अब तक कोई बड़ा खरीदार सामने नहीं आया है। प्रशासन का कहना है कि जैसे ही यह शेष जमीन बिक जाएगी, उससे प्राप्त होने वाली अतिरिक्त राशि को भी शेष निवेशकों के बीच वितरित कर दिया जाएगा।

