नई दिल्ली: भारत सरकार के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने देश में ईंधन की कमी को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही तमाम अटकलों और अफवाहों को सिरे से खारिज कर दिया है। मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया है कि भारत में पेट्रोल, डीज़ल और रसोई गैस (LPG) का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। सरकार ने नागरिकों को आश्वासन दिया है कि आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह सुरक्षित है और किसी भी प्रकार की घबराहट में आने की आवश्यकता नहीं है।
पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर ईंधन की कमी की भ्रामक जानकारी फैलने के कारण कई शहरों में पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ देखी गई थी। इस ‘पैनिक बाइंग’ की वजह से कुछ इलाकों में अस्थाई रूप से आपूर्ति प्रभावित हुई थी। सरकार ने इसे स्पष्ट करते हुए कहा है कि लोग जरूरत से ज्यादा ईंधन न खरीदें, क्योंकि देश के सभी फ्यूल स्टेशन सामान्य रूप से काम कर रहे हैं और कहीं भी तेल की राशनिंग लागू नहीं की गई है।
मंत्रालय ने डेटा साझा करते हुए बताया कि देश की सभी तेल रिफाइनरियां वर्तमान में अपनी पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं। इतना ही नहीं, भविष्य की जरूरतों को देखते हुए अगले दो महीनों के लिए ईंधन की आपूर्ति का पुख्ता इंतजाम पहले ही कर लिया गया है। सरकार ने यह भी रेखांकित किया कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भारत 40 से अधिक देशों से आयात करता है, जिससे घरेलू बाजार में किसी भी तरह की कमी का खतरा न्यूनतम हो जाता है।
सरकार ने आम जनता से विशेष अपील की है कि वे अपुष्ट व्हाट्सएप मैसेज या सोशल मीडिया पोस्ट पर भरोसा न करें। मंत्रालय ने कहा है कि ऐसी भ्रामक खबरों से बाजार में कृत्रिम कमी पैदा होती है, जो आम आदमी के लिए परेशानी का सबब बनती है। लोगों को केवल आधिकारिक सरकारी चैनलों और विश्वसनीय समाचार माध्यमों द्वारा दी गई जानकारी पर ही विश्वास करने की सलाह दी गई है।
अंततः, प्रशासन ने स्थानीय अधिकारियों को भी निर्देश दिए हैं कि वे पेट्रोल पंपों पर कानून-व्यवस्था बनाए रखें और यह सुनिश्चित करें कि ईंधन का वितरण सुचारू रूप से चलता रहे। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि वह ऊर्जा सुरक्षा को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है और देश के पास अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त से अधिक संसाधन मौजूद हैं।


