रायपुर, 24 मार्च 2026: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर सहित जगदलपुर और सरगुजा में कल, 25 मार्च से शुरू हो रहे पहले ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ के लिए राज्य पूरी तरह तैयार है। उपमुख्यमंत्री और खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने मंगलवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस आयोजन को भारतीय खेल इतिहास का एक “मील का पत्थर” बताया। उन्होंने कहा कि पहले सरगुजा और बस्तर ओलंपिक जैसे छोटे आयोजनों के बाद अब छत्तीसगढ़ एक बड़े राष्ट्रीय मंच पर कदम रख रहा है, जो राज्य के खेल पारिस्थितिकी तंत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। यह आयोजन न केवल छत्तीसगढ़ की खेल प्रतिभाओं और बुनियादी ढांचे को मजबूती देगा, बल्कि राज्य को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के आयोजन का प्रत्यक्ष अनुभव भी प्रदान करेगा।
इस ऐतिहासिक खेल महाकुंभ में देश के 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से लगभग 3,800 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। 3 अप्रैल तक चलने वाले इस आयोजन में कुल नौ खेलों को शामिल किया गया है, जिनमें तीरंदाजी, एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, तैराकी, वेटलिफ्टिंग और कुश्ती पदक स्पर्धाएं होंगी, जबकि मल्लखंब और कबड्डी प्रदर्शन खेल के रूप में शामिल रहेंगे। प्रतियोगिताओं का वितरण रणनीतिक रूप से किया गया है, जिसके तहत हॉकी और फुटबॉल के मैच रायपुर में, एथलेटिक्स जगदलपुर में और कुश्ती के मुकाबले सरगुजा में आयोजित किए जाएंगे। इस पूरे आयोजन में कुल 106 स्वर्ण पदक दांव पर होंगे, जिनमें सर्वाधिक 34 स्वर्ण पदक अकेले एथलेटिक्स में दिए जाएंगे।
भारतीय खेल जगत के दिग्गज, जैसे हॉकी ओलंपियन दिलीप तिर्की, सलीमा टेटे और रिकॉर्ड धावक अनिमेष कुजूर ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे आदिवासी समुदाय के खिलाड़ियों के लिए करियर बनाने का एक शानदार मंच बताया है। हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप तिर्की ने कहा कि यह आयोजन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘खेल राष्ट्र’ के विजन को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उल्लेखनीय है कि इस प्रतियोगिता में पुरुष और महिला खिलाड़ियों का अनुपात लगभग 50-50 रखा गया है, जो ओलंपिक चार्टर के लैंगिक समानता के सिद्धांत के अनुरूप है। सभी खिलाड़ियों का चयन राष्ट्रीय खेल महासंघों के ट्रायल्स के जरिए हुआ है और उनके प्रदर्शन पर भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के कोचों की पैनी नजर रहेगी।

