रायपुर (या संबंधित शहर) : जिला प्रशासन ने गैस और पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति व्यवस्था को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए कड़ा रुख अपना लिया है। कलेक्टर द्वारा जारी किए गए ताजा निर्देशों के अनुसार, अब जिले में घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति को पूरी तरह नियमित किया जाएगा। आपूर्ति व्यवस्था में होने वाली धांधली को रोकने के लिए प्रशासन ने अब ऑनलाइन बुकिंग के साथ ‘ओटीपी’ (OTP) अनिवार्य कर दिया है। इसके तहत, उपभोक्ता को गैस रिफिल तभी मिलेगी जब वह अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए वन-टाइम पासवर्ड को डिलीवरी मैन के साथ साझा करेगा। इस कदम से सिलेंडरों की कालाबाजारी पर लगाम लगने की उम्मीद है।
सुरक्षा के मोर्चे पर भी प्रशासन ने बेहद सख्त निर्देश दिए हैं। अब किसी भी पेट्रोल पंप पर बोतलों, डिब्बों या ड्रमों में पेट्रोल-डीजल की बिक्री नहीं की जा सकेगी। अक्सर देखा गया है कि खुले में ईंधन ले जाने से बड़ी आगजनी की घटनाएं होती हैं और इसका दुरुपयोग भी किया जाता है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई भी पेट्रोल पंप संचालक या गैस एजेंसी इन नियमों की अनदेखी करती पाई जाती है, तो उसके खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) के तहत कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसमें लाइसेंस रद्द करने के साथ-साथ कानूनी कार्यवाही का भी प्रावधान है।
प्रशासन ने सभी खाद्य और रसद अधिकारियों को फील्ड पर उतरकर नियमित निरीक्षण करने के आदेश दिए हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आम नागरिकों को घरेलू गैस के लिए भटकना न पड़े और ईंधन स्टेशनों पर किसी भी प्रकार का अवैध भंडारण या असुरक्षित वितरण न हो। प्रशासन की इस सख्ती से जहां बिचौलियों के नेटवर्क में हड़कंप मच गया है, वहीं आम जनता ने आपूर्ति सुचारू होने की उम्मीद जताई है।

