रायपुर, 11 मार्च 2026 : महिला सशक्तिकरण और मातृ-शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने एक बड़ी राष्ट्रीय उपलब्धि हासिल की है। केंद्र सरकार द्वारा जारी फरवरी 2026 की प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना (PMMVY) की स्टेट-वाइज रैंकिंग में छत्तीसगढ़ ने बड़े राज्यों की श्रेणी में देश में पहला स्थान प्राप्त कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। राज्य ने अन्य विकसित और बड़े राज्यों को पीछे छोड़ते हुए यह सफलता हासिल की है, जो प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को दर्शाता है।
ताजा रैंकिंग के अनुसार, छत्तीसगढ़ ने नामांकन के मामले में 93.37 प्रतिशत और शिकायतों के त्वरित समाधान में 93.95 प्रतिशत का शानदार स्कोर दर्ज किया है। योजना की पारदर्शिता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि राज्य में 30 दिनों से अधिक लंबित प्रकरणों की दर घटकर मात्र 7.07 प्रतिशत रह गई है। विशेष बात यह है कि छत्तीसगढ़ ने पिछले माह की तुलना में 6 स्थानों की लंबी छलांग लगाकर सीधे शीर्ष स्थान पर कब्जा जमाया है।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महिला एवं बाल विकास विभाग की पूरी टीम, विशेषकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मैदानी अमले को बधाई दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता मानती है और यह प्रथम स्थान हमारे निरंतर प्रयासों का सुखद परिणाम है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस योजना के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को मिल रही आर्थिक सहायता सुरक्षित मातृत्व को और अधिक बढ़ावा देगी।
महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने इसे राज्य के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के कुशल मार्गदर्शन और विभागीय तालमेल के कारण ही आज छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हुआ है। उन्होंने जानकारी दी कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक प्रदेश की 1,86,586 गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण किया जा चुका है और लगभग 72 करोड़ 24 लाख रुपये की राशि सीधे पात्र महिलाओं के बैंक खातों में भेजी जा चुकी है। छत्तीसगढ़ का यह प्रदर्शन अब देश के अन्य राज्यों के लिए एक प्रेरणादायक मॉडल बन गया है।

