होली को लेकर शहर में उत्साह अपने पराकाष्ठा पर है। बाजारों में चारों ओर रौनक दिखाई दे रही है। रंग-बिरंगे गुलाल, पिचकारियाँ, पानी के गुब्बारे और आकर्षक सजावटी सामान से दुकानें सजी हुई हैं। मिठाई की दुकानों पर भी खास भीड़ देखने को मिल रही है, जहां पारंपरिक पकवानों की तैयारी जोरों पर है।
बच्चे और युवा पूरे जोश के साथ तैयारियों में जुटे हैं। कोई दोस्तों के साथ होली खेलने की योजना बना रहा है तो कोई सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारी में व्यस्त है। मोहल्लों और कॉलोनियों में होलिका दहन की तैयारियां भी लगभग पूरी हो चुकी हैं।
यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है, जिसकी कथा प्रह्लाद और होलिका से जुड़ी है। होली का यह उत्सव लोगों को आपसी प्रेम, भाईचारे और सौहार्द का संदेश देता है।
वहीं, प्रशासन भी इस पर्व को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए पूरी तरह सतर्क है। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है और लोगों से आपसी सद्भाव बनाए रखने की अपील की जा रही है। साथ ही, प्रशासन ने पानी की बर्बादी रोकने और प्राकृतिक रंगों के उपयोग को बढ़ावा देने की भी सलाह दी है।
प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बिजली के तारों के नीचे, भूसे के ढेर के पास या संकरी गलियों में होलिका दहन नहीं किया जाएगा। बीच सड़क पर होलिका जलाने से यातायात बाधित होता है, इसलिए ऐसे कृत्य पर रोक रहेगी। आग के पास कोई फ्लेम फैलाने वाले पदार्थ, तेल/पावर जवलनशील पदार्थ या अन्य जोखिम वाली चीजें न रखें। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में यह भी तय किया गया कि मुखौटा पहनकर उत्पात मचाने वालों पर कठोर कार्रवाई होगी। कीचड़, ग्रीस या ज्वलनशील पदार्थों का उपयोग कर होली खेलने पर भी प्रतिबंध रहेगा। किसी पर जबरन रंग डालना, कपड़े फाड़ना या अभद्र व्यवहार करना दंडनीय होगा। पुलिस ने चेतावनी दी है कि शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।

