शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने पॉक्सो (POCSO) मामले में गिरफ्तारी से राहत पाने के लिए उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। अदालत ने मामले की सुनवाई के दौरान उनकी गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी है।
प्रयागराज, 28 फरवरी 2026। झूंसी पुलिस थाना में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के विरुद्ध पॉक्सो एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।इस मामले में शुक्रवार को इलाहाबाद उच्च न्यायालय से उन्हें बड़ी राहत मिली। अदालत ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया और उनकी तत्काल गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।मामले की अगली सुनवाई मार्च के तीसरे सप्ताह में होगी, जिसके बाद अदालत विस्तृत निर्णय सुनाएगी।
गौरतलब है कि मामला सामने आने के बाद से उन पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही थी। अब इस मामले पर न्यायालय निर्णय दे दिया है। इस मामले की सुनवाई जस्टिस जे के सिन्हा की पीठ ने की है, सुनवाई के दौरान शंकराचार्य की तरफ से आशुतोष ब्रह्मचारी की आपराधिक पृष्ठभूमि बताई गई जबकि न्यायालय की तरफ से पुलिस से सवाल किया गया कि पीड़ित बच्चे कहां हैं ? इस पर पुलिस की ओर से न्यायालय को जानकारी दी गई। वहीं शंकराचार्य की तरफ से नाबालिग बटुकों के यौन शोषण मामले में दलील दी गई कि इसमें से एक बालिग़ है। उसके मार्कशीट के आधार पर बालिग़ होने की बात कही गई।
हालांकि, आशुतोष ब्रह्मचारी पहले ही इस मामले पर कह चुके हैं कि एक नाबालिग बटुक अब बालिग हो चुका है। खबर है कि राज्य सरकार की तरफ से शंकराचार्य को अग्रिम जमानत का विरोध किया गया था। अपर महाअधिवक्ता की तरफ से इस मामले में पक्ष रखा गया एवं सरकार की ओर से याचिका में पोषणीयता पर भी सवाल किया गया।
मामला POCSO Act (Protection of Children from Sexual Offences Act, 2012) से जुड़ा है
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को यह राहत पॉक्सो एक्ट से जुड़े मामले में मिली है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय में दोनों पक्षों की शुक्रवार को दलील सुनने के बाद शंकराचार्य की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, बट 21 फरवरी को शंकराचार्य और उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी के विरुद्ध एक नाबालिग समेत दो व्यक्तियों के साथ यौन दुर्व्यवहार के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
‘ज्यादा वक्त तक झूठ टिकता नहीं ‘
अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि ज्यादा समय तक झूठ नहीं टिकता है। जिन्होंने भी झूठी कहानी बनाई है, वे बेनकाब हो रहे हैं। जैसे-जैसे लोगों को इस मनगढ़ंत मामले की जानकारी प्राप्त होगी, असलियत का पता चल जाएगा। शंकराचार्य ने कहा कि जो बच्चा कभी हमारे समक्ष आया ही नहीं, उसे हमारे नाम से जोड़ना आसान नहीं है।

