वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) के लिए निवेशकों की पहली पसंद बनकर उभरा है। विशेषज्ञों के अनुसार, भारत द्वारा किए जा रहे नए व्यापार समझौते और मुक्त व्यापार करार (FTA) अगले साल एफडीआई में उल्लेखनीय बढ़ोतरी का रास्ता खोल सकते हैं। स्थिर नीतिगत माहौल, बड़े घरेलू बाजार और तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था ने भारत को वैश्विक निवेश मानचित्र पर मजबूत स्थिति दिलाई है।
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सरकार के सुधारोन्मुख कदमों, ‘मेक इन इंडिया’ और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ जैसी पहलों से विदेशी कंपनियों का भरोसा बढ़ा है। मैन्युफैक्चरिंग, टेक्नोलॉजी, रिन्यूएबल एनर्जी और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं मजबूत बनी हुई हैं। जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में नए व्यापार समझौतों के प्रभाव से भारत में एफडीआई का प्रवाह और तेज होगा, जिससे रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।

