युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी को लेकर पूर्व भारतीय क्रिकेटर और बीसीसीआई के पूर्व चयनकर्ता कृष्णमाचारी श्रीकांत ने बड़ा बयान दिया है। श्रीकांत ने कहा कि अगर प्रतिभा है तो उम्र को बाधा नहीं बनाना चाहिए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि सचिन तेंदुलकर ने भी बेहद कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा था और बाद में इतिहास रच दिया। श्रीकांत का मानना है कि वैभव सूर्यवंशी में भी असाधारण प्रतिभा नजर आती है।
श्रीकांत ने बीसीसीआई से मांग की है कि वैभव को सही समय पर सही मंच दिया जाए और उसकी प्रतिभा को निखारने के लिए विशेष योजना बनाई जाए। उन्होंने कहा कि युवा खिलाड़ियों पर अनावश्यक दबाव डालने के बजाय उन्हें सही मार्गदर्शन और अवसर देना ज्यादा जरूरी है। घरेलू क्रिकेट और उम्र आधारित टूर्नामेंटों में वैभव के प्रदर्शन की भी उन्होंने सराहना की।
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पूर्व चयनकर्ता का कहना है कि भारतीय क्रिकेट का भविष्य युवा खिलाड़ियों पर निर्भर करता है और अगर समय रहते उन्हें मौका मिला तो देश को लंबे समय तक फायदा होगा। श्रीकांत के इस बयान के बाद वैभव सूर्यवंशी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं और क्रिकेट जगत में यह बहस शुरू हो गई है कि युवा प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मौका देने की सही उम्र क्या होनी चाहिए।
