हर महीने की पहली तारीख की तरह, इस बार 1 अक्टूबर से आम आदमी के जीवन, पर्सनल फाइनेंस और रोजमर्रा के कामकाज से जुड़े कई महत्वपूर्ण नियमों में बदलाव होने जा रहा है। इन बदलावों का सीधा असर आपके मासिक बजट और वित्तीय लेन-देन पर पड़ेगा।
आइए जानते हैं इन प्रमुख 7 बदलावों के बारे में विस्तार से:
1. एलपीजी सिलेंडर और सब्सिडी पर ई-केवाईसी (LPG Subsidy e-KYC)
रसोई गैस (LPG) पर मिलने वाली सब्सिडी का लाभ सुचारू रूप से जारी रखने के लिए सरकार ने आधार बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन (e-KYC) अनिवार्य कर दिया है। जिन उपभोक्ताओं ने अपनी ई-केवाईसी पूरी नहीं कराई है, उन्हें 1 अक्टूबर से सब्सिडी का लाभ मिलना बंद हो जाएगा। ऐसे उपभोक्ताओं को बिना सब्सिडी वाले फुल मार्केट प्राइस पर सिलेंडर खरीदना होगा। इसे संबंधित गैस कंपनियों के मोबाइल ऐप्स या नजदीकी गैस एजेंसी के जरिए पूरा किया जा सकता है।
2. बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (Bank FD) की ब्याज दरों में पारदर्शिता
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नए दिशा-निर्देशों के तहत अब बैंकों को फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की ब्याज दरों को लेकर अधिक पारदर्शिता बरतनी होगी। नए नियमों के अनुसार बैंकों को अपनी बल्क एफडी (Bulk FD) की ब्याज दरें हर कामकाजी दिन तय समय सुबह तक ऑनलाइन पब्लिश करनी होंगी। साथ ही, एक ही तारीख को स्वीकार की गई समान राशि की एफडी पर देश भर की सभी शाखाओं में ग्राहकों को एक समान ब्याज दरें मिलेंगी।
3. वरिष्ठ नागरिकों के लिए डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (Digital Life Certificate)
सुपर-सीनियर नागरिकों यानी 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के पेंशनभोगियों के लिए जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की विशेष विंडो 1 अक्टूबर से ही खोल दी जाती है। इस आयु वर्ग के बुजुर्ग पेंशनभोगी 1 अक्टूबर से ही अपना डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा करना शुरू कर सकते हैं, ताकि उनकी पेंशन बिना किसी रुकावट के लगातार आती रहे। इसे ‘फेस आरडी’ (Face RD) ऐप, बैंक या कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से जमा किया जा सकता है।
4. नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) जॉइनिंग चार्ज में संशोधन
एनपीएस (NPS) और एनपीएस लाइट के स्ट्रक्चर में बदलाव किया गया है। अब जो भी नए ग्राहक पॉइंट ऑफ प्रेजेंस (PoP) यानी थर्ड-पार्टी सर्विस प्रोवाइडर्स के माध्यम से एनपीएस खाता खुलवाएंगे, उन्हें हर पीआरएएन (PRAN) के हिसाब से नया जॉइनिंग चार्ज (लगभग 200 रुपये) देना होगा।
5. एनआरआई (NRI) से प्रॉपर्टी खरीदना हुआ आसान
आयकर नियमों में बदलाव के तहत अप्रवासी भारतीयों (NRI) से अचल संपत्ति खरीदने वाले खरीदारों के लिए टीडीएस (TDS) की प्रक्रिया को काफी सरल बना दिया गया है। अब रेजिडेंट खरीदारों को एनआरआई से प्रॉपर्टी खरीदते समय अलग से TAN (Tax Deduction Account Number) लेने की आवश्यकता नहीं होगी। खरीदार अपने सामान्य PAN का उपयोग करके ही टीडीएस काट और जमा कर सकेंगे।
6. जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र के कड़े नियम
नया ‘रजिस्ट्रेशन ऑफ बर्थ एंड डेथ (अमेंडमेंट) एक्ट’ लागू होने के बाद देरी से पंजीकरण कराने के नियमों को सख्त कर दिया गया है। तय समय सीमा (21 दिन) के भीतर जन्म या मृत्यु का रजिस्ट्रेशन न कराने पर अब और अधिक कागजी प्रक्रिया से गुजरना होगा। यदि मामला दो साल से ज्यादा पुराना है, तो इसके लिए अब ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास (JMFC) के लिखित आदेश की अनिवार्यता होगी।
7. एसबीआई एटीएम और बैंकिंग सेवाओं से जुड़े शुल्क
एसबीआई (SBI) समेत कुछ प्रमुख बैंक अपने एटीएम उपयोग और न्यूनतम बैलेंस से जुड़े शुल्कों में बदलाव कर रहे हैं। उदाहरण के लिए, एसबीआई के सैलरी अकाउंट धारकों के लिए अन्य बैंकों के एटीएम से मुफ्त लेनदेन की मासिक सीमा को घटाकर 5 कर दिया गया है। सीमा समाप्त होने के बाद अतिरिक्त ट्रांजैक्शन पर निर्धारित शुल्क और जीएसटी चुकाना होगा।
सलाह: यदि आपने अभी तक अपने गैस कनेक्शन की e-KYC पूरी नहीं कराई है, तो इसे तुरंत पूरा कर लें ताकि आपको एलपीजी सब्सिडी का नुकसान न उठाना पड़े।

