रायपुर, 13 मार्च 2026: राजधानी रायपुर के नवा रायपुर स्थित आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (TRTI) परिसर में आज दो दिवसीय जनजातीय उत्सव ‘आदि परब’ का भव्य शुभारंभ हुआ। छत्तीसगढ़ राज्य जनजातीय आयोग के अध्यक्ष श्री रूपसिंह मंडावी ने दीप प्रज्वलित कर इस महोत्सव की शुरुआत की। ‘परम्परा से पहचान तक’ की थीम पर आधारित इस आयोजन में छत्तीसगढ़ सहित पड़ोसी राज्यों—तेलंगाना, ओडिशा, महाराष्ट्र और झारखंड के आदिवासी कलाकार अपनी संस्कृति की छटा बिखेर रहे हैं। उद्घाटन समारोह में राज्य अंत्याव्यावसायी आयोग के अध्यक्ष श्री सुरेन्द्र कुमार बेहरा और प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और जनजातीय समुदाय के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
उत्सव के पहले दिन का मुख्य आकर्षण जनजातीय युवाओं द्वारा किया गया रैंप शो रहा, जहाँ पारंपरिक वेशभूषा और आभूषणों से सजे-धजे युवाओं ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके साथ ही, परिसर में ‘आदि रंग’ चित्रकला महोत्सव और ‘आदि-हाट’ शिल्प मेले का आयोजन किया जा रहा है, जहाँ बस्तर से लेकर सरगुजा तक के हस्तशिल्प, वनोपज और पारंपरिक व्यंजनों की प्रदर्शनी लगाई गई है। यह आयोजन न केवल आदिम संस्कृति के संरक्षण का प्रयास है, बल्कि आदिवासी कलाकारों को एक राष्ट्रीय मंच प्रदान कर उनकी कला को नई पहचान दिलाने की एक सराहनीय पहल भी है।
इस दो दिवसीय महोत्सव का समापन कल, 14 मार्च को होगा, जिसमें प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। समापन समारोह में आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम और जनजातीय समाज के विभिन्न पदाधिकारी भी शिरकत करेंगे। समापन के दिन भी विभिन्न राज्यों के लोक नृत्यों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति जारी रहेगी, जो छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय विरासत को उत्सव के रूप में प्रदर्शित करेगी।

