रायपुर, 16 मार्च 2026: छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा आयोजित कक्षा 12वीं की हिंदी विषय की बोर्ड परीक्षा विवादों के घेरे में आ गई है। छात्र संगठनों द्वारा सोशल मीडिया पर एक हस्तलिखित पर्चा वायरल होने और उसके प्रश्न मुख्य परीक्षा के ‘सेट-बी’ से मिलने का दावा किए जाने के बाद हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए माध्यमिक शिक्षा मण्डल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस और साइबर सेल में प्राथमिकी (FIR) दर्ज करा दी है।
मण्डल के सचिव ने स्पष्ट किया है कि छात्र संगठनों द्वारा किए जा रहे दावे और वायरल सामग्री परीक्षा संपन्न होने के बाद (15 और 16 मार्च को) विभाग के संज्ञान में आई है। समाचार पत्रों और सोशल मीडिया पर प्रसारित यह कथित पर्चा अत्यधिक धुंधला और अपठनीय है, जिसके कारण प्रथम दृष्टया इसकी सत्यता का सीधा मिलान करना संभव नहीं हो पा रहा है। यही कारण है कि मण्डल ने अभी इसे ‘प्रश्नपत्र लीक’ की श्रेणी में नहीं रखा है, बल्कि इसे एक ‘कथित आरोप’ के तौर पर जांच के दायरे में लिया है।
परीक्षा जैसी संवेदनशील प्रक्रिया की शुचिता बनाए रखने के लिए मण्डल ने एहतियाती कदम उठाते हुए विस्तृत जांच शुरू कर दी है। अब साइबर सेल की मदद से यह पता लगाया जाएगा कि सोशल मीडिया (व्हाट्सएप) पर यह संदेश वास्तव में किस तारीख और समय पर साझा किया गया था। यदि तकनीकी जांच में यह सिद्ध होता है कि पर्चा परीक्षा से पहले ही सार्वजनिक हो गया था, तो इसे बड़ी अनियमितता माना जाएगा।
सचिव, माध्यमिक शिक्षा मण्डल ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि परीक्षाओं की गोपनीयता और पारदर्शिता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। मण्डल पूरी तरह से निष्पक्ष जांच के लिए प्रतिबद्ध है और यदि इस मामले में किसी भी स्तर पर कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी

