छत्तीसगढ़ के कई जिलों में सोमवार की रात मौसम ने खतरनाक लेकिन राहत भरा रुख अपनाया। राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के बड़े हिस्से में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली धूलभरी आंधी ने जनजीवन को प्रभावित किया, जिसके बाद हुई झमाझम बारिश और ओलावृष्टि ने भीषण उमस को पूरी तरह खत्म कर दिया। रायपुर के बाहरी इलाकों में गिरे ओलों और तेज बौछारों के कारण पारे में अचानक गिरावट दर्ज की गई है, जिससे तपती गर्मी से जूझ रहे नागरिकों को बड़ी राहत मिली है।
हालांकि, इस मौसमी बदलाव ने बुनियादी ढांचे को नुकसान भी पहुँचाया है। तेज अंधड़ के कारण कई स्थानों पर पेड़ उखड़ गए और बिजली के खंभे गिर गए, जिससे रायपुर और आसपास के क्षेत्रों में घंटों तक विद्युत आपूर्ति बाधित रही। आंकड़ों की बात करें तो सोमवार को राजनांदगांव 40.5 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे तप्त जिला रहा, जबकि अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 18.2 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले पांच दिनों में प्रदेश के अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की और कमी आ सकती है।
आज के पूर्वानुमान के अनुसार, रायपुर में बादल छाए रहेंगे और अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है। विभाग ने ‘येलो अलर्ट’ जारी करते हुए चेतावनी दी है कि आज भी प्रदेश के कुछ हिस्सों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं और गरज-चमक के साथ वज्रपात (बज्रपात) होने की आशंका है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और ऊंचे पेड़ों या बिजली के तारों के नीचे खड़े होने से बचें।

