रायपुर/पटना। छत्तीसगढ़ के पूर्व पुलिस महानिदेशक (DGP) Vishwa Ranjan का शनिवार 7 मार्च 2026 की रात निधन हो गया। उन्होंने पटना के एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। वे पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे और उन्हें गंभीर हृदय संबंधी समस्या थी। फरवरी 2026 से ही उनकी हालत नाजुक थी और वे पटना के एक निजी अस्पताल में वेंटिलेटर पर थे। जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम की निगरानी में उनका इलाज चल रहा था।
जानकारी के मुताबिक,वे 1973 बैच के आईपीएस अधिकारी थे। छत्तीसगढ़ कैडर मिलने से पहले उन्होंने लंबे समय तक इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) में एडिशनल डायरेक्टर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दी थीं। विश्वरंजन छत्तीसगढ़ के छठे (6th) डीजीपी थे। उन्होंने वर्ष 2007 में तत्कालीन डीजीपी ओपी राठौर के निधन के बाद पदभार संभाला था और लगभग चार वर्षों तक इस पद पर रहे। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने पुलिस प्रशासन में कई महत्वपूर्ण सुधार किए और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई पहल शुरू कीं। डीजीपी रहते हुए उन्होंने विशेष रूप से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर भी जोर दिया।
पुलिस अधिकारी होने के साथ-साथ वे एक प्रख्यात कवि, आलोचक और चिंतक के रूप में भी जाने जाते थे।
उनके निधन की खबर से छत्तीसगढ़ पुलिस और प्रशासनिक व पुलिस महकमे में शोक व्यक्त किया जा रहा है। कई वरिष्ठ अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है।

