ओडिशा के कटक से एक बेहद हृदयविदारक खबर सामने आई है, जहां राज्य के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थानों में से एक, एससीबी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (SCB Medical College and Hospital) में सोमवार तड़के भीषण आग लग गई। यह दर्दनाक हादसा अस्पताल के ट्रॉमा केयर आईसीयू (ICU) वार्ड में हुआ, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। इस अग्निकांड की चपेट में आने से अब तक 10 मरीजों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जिससे पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई है।
हादसा उस वक्त हुआ जब अस्पताल में भर्ती अधिकांश मरीज और उनके परिजन गहरी नींद में थे। अचानक धुएं और आग की लपटों को देख वहां चीख-पुकार मच गई और पूरे परिसर में भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। बचाव कार्य के दौरान अस्पताल प्रशासन ने आनन-फानन में अन्य वार्डों के मरीजों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया, लेकिन तब तक कई मरीज और कुछ अस्पताल कर्मचारी भी बुरी तरह झुलस चुके थे।
घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने तुरंत अस्पताल का दौरा किया और व्यक्तिगत रूप से हालात का जायजा लिया। उन्होंने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे एक बड़ी त्रासदी बताया और मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं। मुख्यमंत्री ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और स्पष्ट किया है कि सुरक्षा मानकों में किसी भी तरह की कोताही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही सरकार ने मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता और घायलों के समुचित उपचार की व्यवस्था करने का भरोसा दिलाया है।
शुरुआती जांच और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने का प्राथमिक कारण बिजली का शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। हालांकि, वास्तविक कारणों का खुलासा विस्तृत तकनीकी जांच के बाद ही हो पाएगा। इस घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्रों और बड़े अस्पतालों में लगे फायर सेफ्टी सिस्टम और आपातकालीन प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वर्तमान में कई घायलों की हालत नाजुक बनी हुई है, जिन्हें विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है।

